मार्को रूबियो का भारत दौरा खत्म, व्यापार समझौते से लेकर ऊर्जा सुरक्षा तक इन मुद्दों पर बनी सहमति; बोले- आर्थिक साझेदारी से मजबूत होंगे दोनों देश

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मुंबई: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का भारत दौरा पूरा हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुंबई स्थित गेटवे ऑफ इंडिया की तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ दिखाई दिए। रूबियो ने अपने संदेश में कहा कि इस यात्रा के दौरान अमेरिका की क्षेत्रीय आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के साथ भारत के साथ आर्थिक साझेदारी और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर ध्यान दिया गया।

20 और 21 अक्टूबर को भारत दौरे पर आए रूबियो

मार्को रूबियो 20 और 21 अक्टूबर को भारत के दौरे पर आए थे। इस साल यह उनकी दूसरी भारत यात्रा थी। इस बार उनका कार्यक्रम दिल्ली के बजाय मुंबई और गुजरात के जामनगर पर केंद्रित रहा। यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक तथा रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाना था। व्यापार समझौते, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा, उभरती तकनीक और निवेश जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत आगे बढ़ी

मुंबई में रूबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों पक्षों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया। बैठक में रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, उभरती तकनीक और क्षेत्रीय व वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

रूबियो ने व्यापार समझौते को लेकर कहा कि दोनों देश इसे अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं, हालांकि कुछ मुद्दों का समाधान होना अभी बाकी है। इस बयान को दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में जारी प्रयासों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

रूसी तेल खरीद और ऊर्जा सुरक्षा पर भी रहा जोर

भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद और अमेरिका की ऊर्जा नीति भी दोनों देशों के संबंधों में महत्वपूर्ण मुद्दे रहे। भारत दौरे के दौरान रूबियो ने रिलायंस को वेनेजुएला से अधिक कच्चा तेल अपनी रिफाइनरियों में प्रसंस्कृत करने और वहां तेल उत्पादन की संभावनाओं पर काम करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।

गुजरात के जामनगर स्थित रिफाइनरी विभिन्न प्रकार के कच्चे तेल को प्रसंस्कृत करने में सक्षम है। अमेरिका भारत को ऊर्जा आपूर्ति के दूसरे स्रोतों से भी खरीद बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। ऐसे में रूबियो की यात्रा के दौरान ऊर्जा सहयोग और आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोतों पर चर्चा भारत-अमेरिका संबंधों के प्रमुख पहलुओं में शामिल रही।

 

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