भारत आएंगे पुतिन, PM मोदी के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता; 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन
नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को भारतीय पत्रकारों के साथ वर्चुअल बातचीत में इसकी पुष्टि की। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले इस सम्मेलन में पुतिन की भागीदारी के साथ भारत-रूस संबंधों पर भी अहम चर्चा होने की उम्मीद है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अवसर भी होगी। उन्होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत को सफलता की शुभकामनाएं दीं। इससे पहले 31 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन ने किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान भी बातचीत की थी।
11 सितंबर को PM मोदी से होगी द्विपक्षीय बातचीत
दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि राष्ट्रपति पुतिन शुक्रवार, 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। मॉस्को से वर्चुअल ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच बेहद करीबी व्यक्तिगत संपर्क हैं। उनके मुताबिक, दोनों नेताओं के रिश्ते व्यावहारिक हैं और उनकी बातचीत इतनी स्पष्ट और ईमानदार है कि वे द्विपक्षीय संबंधों और एजेंडे के संवेदनशील मुद्दों पर भी खुले और रचनात्मक तरीके से चर्चा कर सकते हैं।
पेस्कोव ने कहा कि ऐसी बातचीत से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलते हैं।
ब्रिक्स सहयोग के तीन प्रमुख क्षेत्रों पर रूस का फोकस
पेस्कोव ने कहा कि रूस को पूरा भरोसा है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सफल रहेगा। रूस नीति और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्त तथा सांस्कृतिक एवं मानवीय सहयोग के तीन प्रमुख क्षेत्रों में ब्रिक्स के आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने में योगदान देने की कोशिश करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि रूस ब्रिक्स के विभिन्न स्वरूपों में भागीदारी के लिए नए देशों को आमंत्रित करने के विचार का समर्थन करता है।
भारत चौथी बार संभाल रहा है ब्रिक्स की अध्यक्षता
भारत 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। तेजी से आगे बढ़ रहे प्रमुख उभरते बाजार वाले देशों और विकासशील देशों के अंतर-सरकारी मंच के लिए यह एक अहम अवसर माना जा रहा है।
भारत ने इस साल 1 जनवरी को ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली थी। यह चौथी बार है जब भारत को इस समूह की अध्यक्षता मिली है। वर्ष 2026 ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे होने का भी प्रतीक है।
ब्रिक से ब्रिक्स तक ऐसे बढ़ा समूह
शुरुआत में यह ब्राजील, रूस, भारत और चीन का ‘ब्रिक’ यानी BRIC गठबंधन था। समूह ने 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अपने विदेश मंत्रियों की पहली बैठक की थी। इसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया।
बाद में 2011 में दक्षिण अफ्रीका के समूह में शामिल होने के बाद इसका नाम ‘ब्रिक्स’ यानी BRICS हो गया। अब यह मंच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।





