दिल्ली में छोटे सैटेलाइट बनाएगी फिनलैंड की दिग्गज स्पेस इंटेलिजेंस कंपनी ICEYE, भारत में बढ़ाएगी कारोबार
नई दिल्ली: फिनलैंड की अंतरिक्ष आधारित खुफिया तकनीक क्षेत्र की वैश्विक कंपनी ICEYE ने भारत में अपना कारोबार शुरू करने का ऐलान किया है। कंपनी देश में छोटे उपग्रहों के निर्माण के लिए स्थानीय विनिर्माण केंद्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रही है। इन उपग्रहों का इस्तेमाल रक्षा, निगरानी और पर्यावरणीय निगरानी जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।
ICEYE India का संचालन नई दिल्ली से होगा। भारत को महत्वपूर्ण रक्षा और अंतरिक्ष बाजार मानते हुए कंपनी ने यहां अपनी मौजूदगी बढ़ाने की रणनीति बनाई है। कंपनी के उपग्रहों के समूह का इस्तेमाल पहले से ही रक्षा, खुफिया, बीमा और आपातकालीन प्रबंधन समेत कई क्षेत्रों में किया जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध सहित दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच कंपनी की तकनीक की मांग में भी बढ़ोतरी हुई है।
भारत में विकसित करेगी इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमता
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक राफल मोड्रजेव्स्की ने कहा कि ICEYE भारत में वास्तविक इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमता विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी भारत सरकार और स्थानीय साझेदारों के साथ मिलकर देश की संप्रभु खुफिया क्षमताओं को मजबूत करने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित है।
कंपनी की प्राथमिकता भारतीय रक्षा और खुफिया ग्राहकों को उन्नत खुफिया समाधान उपलब्ध कराना होगी। इसके जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। ICEYE भारतीय अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोग की संभावनाएं भी तलाश रही है।
लॉन्च प्रदाताओं और स्थानीय कंपनियों के साथ साझेदारी की तैयारी
भारत में अपनी औद्योगिक क्षमता विकसित करने के लिए कंपनी विभिन्न स्थानीय साझेदारों के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाश रही है। इसमें प्रक्षेपण सेवा प्रदाता, इलेक्ट्रॉनिक्स और कलपुर्जा निर्माता तथा तकनीकी साझेदार शामिल हैं।
कंपनी का स्थानीय औद्योगिक क्षमता विकसित करने का मॉडल आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप बताया गया है। इसके तहत भारत में छोटे उपग्रहों के निर्माण और तकनीकी क्षमताओं को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
दुनिया के उन्नत एसएआर उपग्रह समूह में शामिल
ICEYE के पास दुनिया के सबसे उन्नत सिंथेटिक अपर्चर रडार यानी एसएआर उपग्रह समूह में से एक है। कंपनी की तकनीक का इस्तेमाल अलग-अलग क्षेत्रों में पृथ्वी की निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा है।
कंपनी के दुनियाभर में 1,000 से अधिक कर्मचारी हैं। इस साल कंपनी का राजस्व लगभग 280 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 2,680 करोड़ रुपये को पार कर गया है।





