Gen Z से सीधे संवाद करेगी मोदी सरकार, अब हर दिन एक केंद्रीय मंत्री पहुंचेगा विश्वविद्यालय

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नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार Gen Z यानी युवा पीढ़ी तक अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी में है। इसके तहत अब केंद्रीय मंत्री सीधे विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे। प्रस्तावित पहल के तहत हर दिन एक केंद्रीय मंत्री को एक विश्वविद्यालय का दौरा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस दौरान मंत्री छात्रों से उनकी चिंताओं और देश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करेंगे और उनके विचार समझने की कोशिश करेंगे।

‘एक दिन, एक विश्वविद्यालय’ कार्यक्रम की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, ‘एक दिन, एक विश्वविद्यालय’ नाम से प्रस्तावित इस कार्यक्रम के तहत केंद्रीय मंत्री अलग-अलग विश्वविद्यालयों में जाएंगे। वहां वे छात्रों के साथ बातचीत करेंगे, विभिन्न मुद्दों पर उनके विचार जानेंगे और युवाओं तथा छात्रों के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी देंगे।

सरकार की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में नीट पर्चा लीक मामले को लेकर छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। इसी पृष्ठभूमि में सरकार की ओर से युवा वर्ग के साथ सीधे संवाद बढ़ाने की तैयारी को अहम माना जा रहा है।

शिक्षा और युवा मामलों के मंत्रियों को समन्वय की जिम्मेदारी

सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को इस पूरी पहल के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों मंत्री विश्वविद्यालयों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच तालमेल स्थापित करने का काम करेंगे, ताकि केंद्रीय मंत्रियों के विश्वविद्यालय दौरों को व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जा सके।

बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी इस प्रस्तावित कार्यक्रम पर चर्चा हुई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के आंकड़ों के अनुसार, देश में करीब 1,300 विश्वविद्यालय हैं। इनमें 57 केंद्रीय विश्वविद्यालय और 522 राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा अन्य विश्वविद्यालय डीम्ड और निजी श्रेणी में आते हैं।

मोहन भागवत भी युवाओं से संवाद पर दे चुके हैं जोर

युवाओं के साथ संवाद का मुद्दा हाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भी उठाया था। उन्होंने देश की नई पीढ़ी को ईमानदार और देशभक्त बताते हुए कहा था कि उनकी बात सुनी जानी चाहिए।

6 अगस्त को दिए गए बयान में मोहन भागवत ने कहा था कि Gen Z और Gen Alpha पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार हैं और उनकी बात सुनने की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि संवाद की कमी के कारण ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों का आंदोलन हुआ।

आंदोलन के कारण जानने पर दिया जोर

मोहन भागवत ने कहा था कि बच्चों को भगवान का रूप माना जाता है, लेकिन आंदोलन के दौरान उन पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा था कि यह समझना जरूरी है कि ऐसा क्यों हुआ और इसके पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका थी। इसके बाद ही यह तय किया जा सकता है कि गड़बड़ी कहां हुई।

उन्होंने यह भी कहा था कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन सहमति बनाने का एक वैध माध्यम है। जब बातचीत से किसी समस्या का समाधान नहीं निकलता, तब आंदोलन किया जा सकता है। हालांकि, आंदोलन का उद्देश्य समाज में विभाजन पैदा करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार लाना होना चाहिए।

 

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