शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में डेविड वॉर्नर दोषी, कोर्ट ने लगाया 1500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जुर्माना; कार में लगाना होगा इंटरलॉक डिवाइस

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सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में सिडनी की अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए 1500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना लगाया है। अदालत ने इसके साथ ही वॉर्नर के दोबारा वाहन चलाने के लिए इंटरलॉक लाइसेंस से जुड़ी शर्तें भी तय की हैं। अदालत ने माना कि घटना के समय वाहन में बच्चे मौजूद थे, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।

5 अप्रैल को सामने आया था मामला

यह मामला 5 अप्रैल 2026 का है। ईस्टर संडे के दिन डेविड वॉर्नर सिडनी में एक वाहन चला रहे थे। रैंडम ब्रेथ-टेस्टिंग साइट के पास पहुंचने से पहले उन्होंने वाहन रोक दिया था। इसी दौरान पुलिस की नजर उन पर पड़ी। जांच में उनके शरीर में अल्कोहल की मात्रा कानूनी सीमा से दोगुने से भी अधिक पाई गई। इसके बाद उनके खिलाफ मिड-रेंज ड्रिंक-ड्राइविंग का मामला दर्ज किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान वॉर्नर ने पिछले महीने अदालत में शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप को स्वीकार कर लिया था। इसके बाद अंतिम सजा सुनाने के लिए 18 अगस्त की तारीख तय की गई थी। सुनवाई के दौरान घटना से जुड़े कई पहलुओं पर अदालत में दलीलें रखी गईं और जज क्लेयर फॉर्नन ने वॉर्नर को दोषी मानते हुए जुर्माने की सजा सुनाई।

ब्रेथ टेस्ट साइट से पहले सीट बदलने की कोशिश का भी जिक्र

मामले में यह बात भी सामने आई कि रैंडम ब्रेथ टेस्टिंग साइट के पास पहुंचने से पहले वॉर्नर ने कथित तौर पर वाहन में मौजूद एक यात्री के साथ सीट बदलने की कोशिश की थी। पुलिस की जांच के बाद उनके खिलाफ शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता तय करते समय इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि घटना के समय वाहन में बच्चे मौजूद थे।

वकील ने मीडिया कवरेज से हुए नुकसान की दलील दी

वॉर्नर के वकील अवैस अहमद ने अदालत में उनका पक्ष रखते हुए कहा कि मामले की मीडिया कवरेज के कारण पूर्व क्रिकेटर को पहले ही काफी सार्वजनिक दबाव और नुकसान झेलना पड़ा है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि घटना का असर वॉर्नर के पेशेवर जीवन और भविष्य के व्यावसायिक अवसरों पर पड़ सकता है।

डेविड वॉर्नर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन दुनिया भर की टी20 फ्रेंचाइजी लीग में खेलना उनके पेशेवर करियर का हिस्सा रहा है। ऐसे में बचाव पक्ष ने अदालत के सामने उनके पेशेवर भविष्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का भी उल्लेख किया।

कोर्ट ने सड़क सुरक्षा को माना सबसे अहम मुद्दा

अदालत ने मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को ध्यान में रखा, लेकिन जज ने स्पष्ट किया कि सजा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य लोगों को शराब पीकर वाहन चलाने से रोकना है। अदालत के मुताबिक यह केवल किसी एक व्यक्ति की गलती से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा से संबंधित गंभीर विषय है।

घटना के समय कार में बच्चों की मौजूदगी ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया। अदालत ने इसी संदर्भ में वॉर्नर पर जुर्माना लगाने के साथ वाहन चलाने के लिए इंटरलॉक लाइसेंस से जुड़ी शर्तों का पालन करना अनिवार्य किया है।

अब कार में लगाना होगा इंटरलॉक डिवाइस

अदालत की शर्तों के मुताबिक वॉर्नर को वाहन चलाने से पहले इंटरलॉक लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके तहत उनकी कार में एक इंटरलॉक डिवाइस लगाया जाएगा। यह उपकरण चालक की सांस की जांच करता है और अल्कोहल की मौजूदगी निर्धारित सीमा के भीतर होने पर ही वाहन को स्टार्ट होने की अनुमति देता है।

वॉर्नर को इस व्यवस्था का पालन करने के बाद ही वाहन चलाने की अनुमति होगी। अदालत के फैसले के बाद अब उनके लिए निर्धारित शर्तों का पालन करना जरूरी होगा।

डेविड वॉर्नर ऑस्ट्रेलिया के चर्चित क्रिकेटरों में रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक टीम के प्रमुख सलामी बल्लेबाज रहे वॉर्नर ने अपने आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह टी20 क्रिकेट और फ्रेंचाइजी लीग से जुड़े रहे हैं।

 

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