लश्कर कमांडर मोहम्मद याकूब पर कसा शिकंजा, एनआईए कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट
जम्मू: जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े मामले में एनआईए से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर मोहम्मद याकूब के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। याकूब पाकिस्तानी मूल का घोषित आतंकवादी है और अबू सुमामा, सुमामा इलियास तथा वारिस अली जैसे नामों से भी जाना जाता है।
अधिकारियों ने एनआईए अदालत के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि याकूब के खिलाफ पिछले महीने गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच अदालत का यह आदेश सामने आया है।
चार जुलाई को घोषित किया गया था आतंकवादी
मोहम्मद याकूब लश्कर-ए-तैयबा का दूसरा शीर्ष कमांडर है, जिसके खिलाफ जम्मू की एनआईए विशेष अदालत ने आठ जुलाई के बाद गैर-जमानती वारंट जारी किया है। इससे पहले पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े मामले में लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ भी विशेष एनआईए अदालत गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है।
याकूब उन 23 लोगों में शामिल है, जिन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चार जुलाई को आतंकवादी घोषित किया था। अधिकारियों के मुताबिक, वह इस्लामाबाद के चट्टा बख्तावर इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के अभियान कमांडर के तौर पर काम करता है। उस पर कश्मीर में सक्रिय लश्कर के अन्य आतंकवादियों को भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए वित्तीय और रसद सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संभालने का आरोप है।
अधिकारियों ने बताया कि याकूब को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 35 के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है। एनआईए ने श्रीनगर के एक थाने में यूएपीए, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज मामले की जांच के दौरान उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का अनुरोध किया था।
मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी से खुला आतंकी नेटवर्क
यह मामला 2026 की शुरुआत में गुर्जर टेंट, पंडाच में मोटरसाइकिल सवार मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, भट के पास से एक चीनी ग्रेनेड और 15 कारतूस बरामद किए गए थे।
भट की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ी तो देश के अलग-अलग राज्यों में फैले एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पता चला। इस कार्रवाई में चार अन्य आतंकवादियों को भी गिरफ्तार किया गया। इनमें दो पाकिस्तानी नागरिक अब्दुल्ला राजपूत उर्फ कामरान अहमद और खुबैब उर्फ उस्मान जट्ट शामिल हैं।
जांच में सामने आई मोहम्मद याकूब की भूमिका
एनआईए ने अदालत को बताया कि गिरफ्तार आतंकवादियों से मिली जानकारी और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पाकिस्तान स्थित आतंकवादी कमांडर मोहम्मद याकूब की संलिप्तता सामने आई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, याकूब ने गिरफ्तार आरोपियों को घाटी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए निर्देश दिए थे। इन गतिविधियों में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाकर हमले करना भी शामिल था। इसी मामले में उसकी भूमिका सामने आने के बाद एनआईए ने अदालत से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का अनुरोध किया था।





