ट्रंप के ऐलान से तेल बाजार में बड़ी हलचल, कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5% गिरावट, 90 डॉलर से नीचे फिसला ब्रेंट क्रूड
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो सप्ताह से जारी सैन्य तनाव में फिलहाल नरमी आने के संकेत मिलते ही सोमवार को अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक अहम ऐलान के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 5 प्रतिशत टूट गई और 90 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण स्तर से भी नीचे पहुंच गई।
ट्रंप के फैसले से बढ़ी कूटनीतिक समाधान की उम्मीद
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक समाधान को अवसर देने के लिए फिलहाल आगे के हमलों पर रोक लगाने का फैसला किया है। अमेरिका के राजदूत ने भी पुष्टि की कि बातचीत की संभावनाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इसके बाद बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम हो सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बनी बाजार की नजर
तनाव कम होने की संभावनाओं के बीच यह भी माना जा रहा है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है। हालांकि फिलहाल इस समुद्री मार्ग पर यातायात सामान्य स्तर से कम बना हुआ है। वहीं, लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमले के बाद शिपिंग गतिविधियों पर भी असर देखा जा रहा है।
ब्रेंट क्रूड में शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट
सोमवार के शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड वायदा 4.89 डॉलर यानी 5.05 प्रतिशत गिरकर 91.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान कुछ समय के लिए इसकी कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के अहम समर्थन स्तर से भी नीचे चली गई। अब वैश्विक बाजार की निगाहें अमेरिका-ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत और पश्चिम एशिया के हालात पर टिकी हुई हैं।
विश्लेषकों ने जताई बातचीत से समाधान की उम्मीद
आईजी मार्केट्स के विश्लेषक टोनी साइकामोर का कहना है कि अब यह संभावना मजबूत हो रही है कि विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है। उनके अनुसार, 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन की दिशा में आगे बढ़ना और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनना क्षेत्रीय तनाव कम करने की सकारात्मक शुरुआत हो सकती है।
समुद्री व्यापार अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं
हमलों पर विराम के बावजूद समुद्री व्यापार पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। शिपिंग डेटा कंपनी केप्लर के अनुसार, सप्ताहांत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रतिदिन 10 से भी कम कमोडिटी जहाजों की आवाजाही दर्ज की गई।
लाल सागर में हमलों का भी असर जारी
रविवार को यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर तट पर सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हमला किए जाने के बाद बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही भी धीमी हो गई। हालांकि इस दौरान एक तीसरा चीनी सुपरटैंकर सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार करने में सफल रहा।
शिपिंग कंपनियां अभी भी बरत रही हैं सतर्कता
एमएसटी मार्की के विश्लेषक सॉल कैवोनिक के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने में अभी समय लगेगा। उनका कहना है कि अधिकांश शिपिंग कंपनियां सुरक्षा कारणों से अभी भी सतर्क हैं और पूरी तरह भरोसा बनने तक बड़ी संख्या में जहाज इस मार्ग पर भेजने से बचेंगी।





