24 घंटे में आसमान से बरसी आफत! गुजरात के वलसाड में 906 मिमी बारिश, दिल्ली की सालभर की वर्षा से भी ज्यादा रिकॉर्ड
अहमदाबाद: गुजरात में इस बार मानसून ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया है जिसने वर्षों पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 22 जुलाई सुबह 6 बजे से 23 जुलाई सुबह 6 बजे के बीच वलसाड जिले के उंबरगांव में 906 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह आंकड़ा दिल्ली में पूरे वर्ष होने वाली औसत 700 से 800 मिलीमीटर बारिश से भी अधिक है। यानी उंबरगांव में महज 24 घंटे में उतनी बारिश हो गई, जितनी दिल्ली में लगभग पूरे साल में होती है।
बारिश की इस अभूतपूर्व स्थिति ने दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। सड़कें, मकान, दुकानें और रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए। कई क्षेत्रों में घरों के भीतर पानी घुस गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर करीब 1,200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
मौसम विभाग ने बताई रिकॉर्ड बारिश की वजह
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर से लगातार आ रही नमी से भरपूर हवाओं और मजबूत दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण दक्षिण गुजरात में अत्यधिक वर्षा हुई। इसका असर केवल उंबरगांव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वलसाड और आसपास के कई इलाकों में घंटों तक मूसलाधार बारिश होती रही।
लगातार बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात बाधित हो गया, जबकि अनेक वाहन रास्तों में फंस गए। रेलवे ट्रैक पर जलभराव के कारण रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
कई इलाकों में सैकड़ों मिलीमीटर बारिश दर्ज
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, उंबरगांव में सबसे अधिक 906 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा कपराडा में 731 मिलीमीटर, नानापोंधा में 643 मिलीमीटर, धरमपुर में 499 मिलीमीटर, पारडी में 448 मिलीमीटर, वांसदा में 435 मिलीमीटर, वापी में 413 मिलीमीटर और वलसाड शहर में 403 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं तापी जिले के डोलवन में 378 मिलीमीटर तथा डांग जिले के वघई में 369 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई।
एक ही क्षेत्र में टिके रहे बादल, इसलिए बढ़ा संकट
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय गुजरात के ऊपर पूरी तरह सक्रिय है। अरब सागर से लगातार नमी मिलने के साथ पश्चिम भारत के ऊपर बना मौसम तंत्र लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में सक्रिय रहा। इसी कारण बादल लगातार एक ही इलाके में बरसते रहे और कुछ घंटों के भीतर अत्यधिक बारिश दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, कम समय में इतनी अधिक वर्षा होने पर नदियां और नाले तेजी से भर जाते हैं। वहीं शहरों की जल निकासी व्यवस्था भी एक साथ इतने बड़े जलप्रवाह को संभाल नहीं पाती, जिससे अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है।
अत्यधिक भारी बारिश की सीमा से कई गुना ज्यादा वर्षा
मौसम विभाग के मानकों के अनुसार, 24 घंटे में 204.5 मिलीमीटर या उससे अधिक वर्षा को अत्यधिक भारी बारिश माना जाता है। लेकिन गुजरात के कई क्षेत्रों में यह आंकड़ा इस सीमा से दो से चार गुना तक अधिक दर्ज किया गया। उंबरगांव में रिकॉर्ड 906 मिलीमीटर वर्षा इसी असाधारण स्थिति का उदाहरण है।
अगले कुछ दिनों तक अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने गुजरात के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। हालांकि अत्यधिक तेज बारिश का दौर धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है, लेकिन जिन क्षेत्रों में पहले से जलभराव है वहां थोड़ी अतिरिक्त बारिश भी मुश्किलें बढ़ा सकती है। लोगों से अपील की गई है कि जलभराव वाले रास्तों से बचें, नदियों और नालों के आसपास न जाएं तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।





