Jio IPO के बाद Reliance Retail की एंट्री तय? AGM में मुकेश अंबानी के संकेत से तेज हुई चर्चाएं, निवेशकों की बढ़ी उत्सुकता
नई दिल्ली: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की तैयारी तेज होने के साथ ही अब बाजार में रिलायंस रिटेल की संभावित लिस्टिंग को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। जियो के ड्राफ्ट दस्तावेज नियामक के पास पहुंचने के बाद निवेशकों की निगाहें रिलायंस समूह के रिटेल कारोबार पर टिक गई हैं। हालांकि, कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने फिलहाल रिलायंस रिटेल के आईपीओ को लेकर किसी निश्चित समयसीमा का खुलासा नहीं किया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक में मुकेश अंबानी और ईशा अंबानी ने कंपनी की विस्तार योजनाओं, उत्पादन क्षमता और भविष्य की विकास रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान स्पष्ट किया गया कि कंपनी का मौजूदा फोकस कारोबार को तेजी से बढ़ाने और नए क्षेत्रों में विस्तार करने पर है।
चार साल में 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य
रिलायंस रिटेल की निदेशक ईशा अंबानी ने बताया कि कंपनी की एफएमसीजी इकाई रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने अगले चार वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि यह इकाई भारत के सबसे तेजी से विकसित होने वाले एफएमसीजी प्लेटफॉर्म्स में शामिल हो चुकी है।
ईशा अंबानी के मुताबिक, कंपनी अब तक 22,000 करोड़ रुपये का सकल राजस्व अर्जित कर चुकी है और लगातार साल-दर-साल अपनी आय दोगुनी करने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि कई प्रतिस्पर्धी कंपनियों को जिन उपलब्धियों तक पहुंचने में दशकों का समय लगा, उन्हें रिलायंस ने महज चार वर्षों में हासिल कर लिया।
40 से अधिक देशों तक पहुंचा कारोबार
कंपनी का विस्तार अब वैश्विक बाजारों तक पहुंच चुका है। ईशा अंबानी ने बताया कि रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के उत्पाद निर्यात और फ्रेंचाइजी नेटवर्क के माध्यम से 40 से अधिक देशों में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कच्चे माल और पैकेजिंग की बढ़ती लागत जैसी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने इसका अतिरिक्त बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला।
रिटेल कारोबार के लिए तैयार हो रहा बड़ा नेटवर्क
मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस रिटेल और रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के बीच बेहतर तालमेल के लिए दो नए ग्रोथ प्लेटफॉर्म विकसित किए जा रहे हैं। कंपनी पेय पदार्थों, दैनिक उपयोग की वस्तुओं और ताजे फल-सब्जियों तक फैला एक व्यापक विनिर्माण नेटवर्क तैयार कर रही है, जो भविष्य में कारोबार को नई गति देगा।
20 हजार स्टोर्स का आंकड़ा पार, बना नया रिकॉर्ड
करीब दो दशक पहले हैदराबाद में एक स्टोर से शुरू हुआ रिलायंस रिटेल का सफर आज देश की सबसे बड़ी रिटेल कंपनियों में शामिल हो चुका है। मुकेश अंबानी ने बताया कि कंपनी ने शुरुआती पांच वर्षों में 1,000 स्टोर्स और एक अरब डॉलर की वार्षिक बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया था। इसके बाद केवल आठ वर्षों में यह देश की सबसे बड़ी रिटेल चेन बन गई।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी ने 20,000 स्टोर्स का महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल कर लिया। इसके साथ ही रिलायंस एशिया की पहली ऐसी रिटेल कंपनी बन गई है, जिसने इतनी तेजी से यह उपलब्धि हासिल की है।
IPO पर अभी सस्पेंस बरकरार
हालांकि वार्षिक आम बैठक के दौरान रिलायंस रिटेल के आईपीओ को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन बाजार में इसकी संभावित लिस्टिंग को लेकर अटकलें लगातार जारी हैं। जानकारों का मानना है कि रिलायंस रिटेल देश के सबसे मूल्यवान गैर-सूचीबद्ध कारोबारों में से एक है और यदि इसका आईपीओ आता है तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो सकता है।





