यूपी में बेरोजगारी भत्ता योजना का नया मसौदा तैयार, कैबिनेट में जल्द जाएगा बड़ा प्रस्ताव

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी भत्ता को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने इस संबंध में एक नया मसौदा तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही योगी कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए प्रस्ताव के रूप में रखा जाएगा। इस प्रस्ताव के तहत केंद्र की ओर से जारी ‘विकसित भारत-जी राम जी (वीबी जीरामजी)’ योजना को प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। इस योजना की खास बात यह है कि फसलों की बुवाई और कटाई के दौरान मजदूरों के खाली समय में उन्हें बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान किया जाएगा। ग्राम्य विकास विभाग ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है और इसे जुलाई से लागू करने की योजना पर काम तेज कर दिया गया है।

योजना का नया ढांचा
इस नई व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार ने मनरेगा के स्थान पर ‘वीबी जीरामजी’ योजना शुरू की है, जिसे राज्यों में लागू किया जाना है। इसी के आधार पर यूपी सरकार ने भी इसका प्रारूप तैयार किया है। इसमें मनरेगा के तहत जुड़े सभी मजदूरों को शामिल किया जाएगा और साथ ही नए श्रमिकों को भी योजना से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाना है।

रोजगार गारंटी में बड़ा बदलाव
योजना के तहत बुवाई और कटाई के व्यस्त कृषि सीजन में लगभग 60 दिनों का ‘नो वर्क’ समय माना गया है। वहीं शेष 305 दिनों में ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों की रोजगार गारंटी देने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले यह गारंटी 100 दिनों की थी, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या अधिकतम 15 दिनों के भीतर करने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

डिजिटल भुगतान और पारदर्शिता पर जोर
नई योजना में मजदूरों को पूरी तरह डिजिटल माध्यम से भुगतान किए जाने का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सत्यापन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। मजदूरों से फीडबैक लेकर योजना में सुधार और खामियों को दूर करने की व्यवस्था भी शामिल की गई है। सरकार का फोकस पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान पर रहेगा।

प्राथमिकता वाले कार्यों की सूची तय
इस योजना के तहत जल संरक्षण से जुड़े कार्यों, कृषि क्षेत्र के विकास और भूजल स्तर सुधारने वाले प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही सड़क और कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढांचे के कार्यों में भी मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिल सके।

मनरेगा से जुड़े मौजूदा आंकड़े
प्रदेश में वर्तमान में मनरेगा के तहत 2.43 करोड़ मजदूर पंजीकृत हैं। इनमें 1.82 करोड़ जॉब कार्ड जारी किए जा चुके हैं। सक्रिय मजदूरों की संख्या 1.21 करोड़ है, जबकि सक्रिय जॉब कार्ड की संख्या 86.15 लाख दर्ज की गई है।

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