होर्मुज विवाद पर ईरान को यूरोपीय संघ का बड़ा झटका, दो नागरिकों समेत सैन्य इकाई पर लगाए नए प्रतिबंध
नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर बढ़े तनाव के बीच यूरोपीय संघ ने ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। यूरोपीय यूनियन ने सोमवार को ईरान के दो नागरिकों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की एक इकाई पर नए प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। इस कार्रवाई को वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समुद्री मार्ग में दखल के आरोप में हुई कार्रवाई
यूरोपीय संघ ने समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता को प्रभावित करने के आरोपों के तहत यह प्रतिबंध लगाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिबंधों की सूची में आईआरजीसी नौसेना की होर्मोजगान प्रांतीय कमान को शामिल किया गया है। इसके अलावा मोहम्मद अकबरजादेह और हमीद हुसैनी पर भी कार्रवाई की गई है। अकबरजादेह आईआरजीसी नौसेना में राजनीतिक मामलों के उप कमांडर हैं, जबकि हुसैनी ईरान के तेल और गैस निर्यात संघ के प्रतिनिधि हैं।
यूरोपीय संघ ने पहली बार किया नए अधिकारों का इस्तेमाल
समुद्री यातायात की स्वतंत्रता को प्रभावित करने के मामलों में यूरोपीय संघ द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई पहली बार की गई है। इसके लिए संघ ने अपने नए अधिकारों का उपयोग किया है। यूरोपीय देशों का मानना है कि होर्मुज जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही को प्रभावित करने वाली गतिविधियां वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए खतरा बन सकती हैं।
ईरान ने फैसले को बताया राजनीतिक
यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने इस कदम को राजनीतिक और पाखंडपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि तेहरान इस तरह के प्रतिबंधों को कोई महत्व नहीं देता और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग पर अपनी नीति के अनुसार आगे बढ़ता रहेगा।
हमलों के बाद होर्मुज मार्ग बंद करने का लिया था फैसला
जानकारी के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा हमले शुरू होने के बाद ईरान ने जवाबी कदम के तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का निर्णय लिया था। इसी घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता गया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहराती चली गई।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा कि होर्मुज जलमार्ग को बाधित करना अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के खिलाफ है। इसी वजह से सदस्य देशों ने सामूहिक रूप से नए प्रतिबंधों को मंजूरी दी है। यूरोपीय संघ का मानना है कि इस कदम से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है होर्मुज
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर परिवहन होने वाले कुल तेल का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव सीधे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाल सकता है।





