‘भारत भाग्य विधाता’: 26/11 की सच्ची घटनाओं पर आधारित कंगना रनौत की नई फिल्म, डॉक्टर-नर्सों की बहादुरी को करेगी सलाम

2-4

नई दिल्ली। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान सामने आई साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनाओं की अनसुनी कहानी अब बड़े पर्दे पर दिखाई जाएगी। अभिनेत्री कंगना रनौत अपनी आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के जरिए उन डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को श्रद्धांजलि दे रही हैं, जिन्होंने आतंक और दहशत के बीच भी अपने कर्तव्य से पीछे हटने से इनकार कर दिया था।

कामा अस्पताल की असली घटनाओं से प्रेरित कहानी
कंगना रनौत ने बताया कि फिल्म की कहानी मुंबई के कामा अस्पताल में 26/11 हमलों के दौरान घटी वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है। उस समय जब शहर में चारों ओर गोलियों और धमाकों की आवाजें गूंज रही थीं, तब अस्पताल का मेडिकल स्टाफ बिना रुके मरीजों की देखभाल में जुटा रहा।

भय के बीच जीवन बचाने की जंग
कंगना के अनुसार, उस भयावह माहौल में डॉक्टरों और नर्सों ने न केवल घायलों का इलाज जारी रखा, बल्कि अस्पताल में करीब 20 बच्चों की सुरक्षित डिलीवरी भी करवाई। उन्होंने कहा कि यह घटना स्वास्थ्यकर्मियों की अदम्य हिम्मत और सेवा भावना का ऐसा उदाहरण है, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं।

कोविड महामारी से भी जोड़ा उदाहरण
अभिनेत्री ने कहा कि डॉक्टर और नर्सें समाज के ऐसे स्तंभ हैं, जो हर संकट में लोगों के साथ खड़े रहते हैं। उन्होंने कोविड महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लाखों लोगों की सेवा की थी।

फिल्म के पीछे की सोच और संदेश
कंगना ने बताया कि यह फिल्म उन गुमनाम नायकों को सम्मान देने का प्रयास है, जिनका योगदान अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। फिल्म का नाम ‘भारत भाग्य विधाता’ देश के मेहनतकश और समर्पित लोगों के सम्मान से प्रेरित है। इसमें कंगना एक स्टाफ नर्स की भूमिका निभा रही हैं, जो अपने पेशे को केवल नौकरी नहीं बल्कि सेवा मानती है।

ट्रेलर और रिलीज डेट की जानकारी
फिल्म के ट्रेलर में भी यही दिखाया गया है कि कहानी उन अनदेखे नायकों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने 26/11 जैसे कठिन समय में सैकड़ों लोगों की जान बचाई। अस्पताल स्टाफ की बहादुरी, समर्पण और मानवता को केंद्र में रखकर बनी यह फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।