हर 30 मिनट में वॉकिंग ब्रेक लेने की आदत बदल सकती है आपकी सेहत, जानिए शरीर और दिमाग को होने वाले 5 बड़े फायदे

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नई दिल्ली: आधुनिक जीवनशैली में लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करना आम बात बन गई है। ऑफिस हो या घर, घंटों कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठना अब दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बैठे रहना कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। ऐसे में हर 30 मिनट के बाद 2 से 3 मिनट का छोटा वॉकिंग ब्रेक लेना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में मदद करता है।

मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखने में मिलती है मदद

लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर की कैलोरी खर्च करने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है और वसा जमा होने की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हर आधे घंटे में थोड़ी देर टहलने से शरीर का मेटाबॉलिज्म दोबारा सक्रिय होता है। इससे कैलोरी बर्न करने की क्षमता बेहतर होती है और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में भी सहायता मिलती है। नियमित रूप से ऐसा करने पर वजन नियंत्रण में रखने में मदद मिल सकती है।

ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, दिल को मिलता है फायदा

लगातार बैठे रहने से पैरों में रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जिससे नसों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। जब व्यक्ति समय-समय पर उठकर चलता है तो पैरों की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और रक्त संचार बेहतर होता है। इससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारु रहती है, रक्तचाप नियंत्रित रखने में मदद मिलती है और हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है।

गर्दन, पीठ और जोड़ों के दर्द से मिल सकती है राहत

एक ही मुद्रा में लंबे समय तक बैठे रहने से गर्दन, कंधों और कमर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसका असर रीढ़ की हड्डी और जोड़ों पर भी दिखाई देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित अंतराल पर वॉकिंग ब्रेक लेने से शरीर की जकड़न कम होती है और मांसपेशियों को आराम मिलता है। इससे जोड़ों का लचीलापन बना रहता है और दर्द की समस्या में राहत मिल सकती है।

ब्लड शुगर नियंत्रण में रखने में कारगर

भोजन के बाद लगातार बैठे रहना ब्लड शुगर स्तर को प्रभावित कर सकता है। विभिन्न अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग हर 30 मिनट के बाद कुछ देर टहलते हैं, उनके शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता बेहतर बनी रहती है। इससे रक्त में शुगर का स्तर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में भी सहायक हो सकता है।

मानसिक थकान कम कर बढ़ाता है फोकस

लगातार काम करने से मानसिक दबाव और थकान बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में कुछ मिनट का वॉकिंग ब्रेक दिमाग को तरोताजा करने का काम करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, थोड़ी देर चलने-फिरने से शरीर में ऐसे हार्मोन सक्रिय होते हैं जो तनाव कम करने और मूड बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसका सकारात्मक असर एकाग्रता, कार्यक्षमता और उत्पादकता पर भी पड़ता है।

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