गोविंदा का अनोखा रिकॉर्ड: एक फिल्म में छह रोल, दर्शकों को हंसाने का बना नया अंदाज़

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नई दिल्ली : साल 2000 के आसपास हिंदी सिनेमा में कॉमेडी फिल्मों का दौर अपने चरम पर था और इसी समय एक ऐसी फिल्म आई जिसने अपने अनोखे प्रयोग से सबका ध्यान खींच लिया। Hadh Kar Di Aapne में Govinda ने अभिनय की सीमाओं को तोड़ते हुए एक साथ छह अलग-अलग किरदार निभाए। यह सिर्फ एक गिमिक नहीं था, बल्कि हर किरदार को अलग पहचान (Identity) देने का एक चुनौतीपूर्ण प्रयास भी था, जिसे उन्होंने अपने खास अंदाज़ में सफल बनाया।

फिल्म की कहानी राज मल्होत्रा नाम के एक युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, लेकिन असली मज़ा तब आता है जब उसी किरदार के पूरे परिवार को भी वही अभिनेता निभाता हुआ नजर आता है। गोविंदा ने राज के साथ-साथ उसके पिता, मां, दादा, दादी और बहन जैसे किरदारों को भी खुद ही जीवंत किया। हर भूमिका में उनका अंदाज़, बोलने का तरीका और हाव-भाव इतने अलग थे कि दर्शकों को हर बार एक नया किरदार देखने का अनुभव मिला। यही इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत बनी।

इस फिल्म में Rani Mukerji ने मुख्य अभिनेत्री के रूप में कहानी को भावनात्मक संतुलन दिया। वहीं Paresh Rawal, Johnny Lever और Satish Kaushik जैसे कलाकारों की मौजूदगी ने फिल्म के हास्य को और मजबूत बनाया। खास तौर पर जॉनी लीवर का डबल रोल भी दर्शकों के लिए अतिरिक्त मनोरंजन लेकर आया, जिसने फिल्म की कॉमिक टाइमिंग को और धारदार बना दिया।

निर्देशक Manoj Agrawal ने इस अनोखे विचार को हल्के-फुल्के अंदाज़ में प्रस्तुत किया, जिससे फिल्म जटिल होने के बजाय मनोरंजक बनी रही। करीब 8 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 19 करोड़ रुपये की कमाई कर यह साबित कर दिया कि नया प्रयोग और अच्छा मनोरंजन साथ आए तो सफलता मिलना तय है।

भले ही समीक्षकों की राय पूरी तरह एक जैसी नहीं रही, लेकिन आम दर्शकों ने इस फिल्म को परिवार के साथ देखने लायक मनोरंजन के रूप में अपनाया। इसकी कहानी में पारंपरिक मसाला और नए प्रयोग का संतुलन देखने को मिला, जिसने इसे अलग पहचान दी।

आज जब भी फिल्मों में मल्टीपल रोल की चर्चा होती है, यह फिल्म एक दिलचस्प उदाहरण के तौर पर सामने आती है। गोविंदा का यह प्रदर्शन यह दिखाता है कि एक अभिनेता अगर पूरी तरह अपने किरदारों में डूब जाए, तो वह अकेले ही कई चेहरों के जरिए दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रख सकता है।