भारतीय यात्रियों को फ्रांस की बड़ी राहत, अब बिना ट्रांजिट वीजा के कर सकेंगे सफर
नई दिल्ली : विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सुरक्षा से जुड़े कई अहम विषयों पर भारत का रुख स्पष्ट किया है। सबसे बड़ी खबर फ्रांस की ओर से भारतीय नागरिकों को मिलने वाली वीजा राहत को लेकर रही। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने फ्रांस वीजा, जापान की रक्षा नीति और खाड़ी देशों में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर स्थिति साफ की।
भारत ने फ्रांस की ओर से भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त ट्रांजिट शुरू करने का स्वागत किया है। जायसवाल ने जानकारी दी है कि यह सुविधा 10 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई है। अब भारतीय नागरिक फ्रांस के हवाई अड्डों से बिना ट्रांजिट वीजा के यात्रा कर सकेंगे। यह फैसला प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की फरवरी में हुई मुलाकात के दौरान लिया गया था। यह नियम केवल हवाई मार्ग से ट्रांजिट करने वाले यात्रियों पर लागू होगा।
वहीं, भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की कवायद तेज हो गई है। हाल ही में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका का दौरा किया, जहां व्यापार समझौते को लेकर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने इसकी भी जानकारी दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देश एक संतुलित समझौते की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत से एक टीम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए वाशिंगटन गई थी। ये बातचीत अभी भी जारी है और काफी सकारात्मक है। दोनों पक्ष एक संतुलित, आपसी फायदे वाले और भविष्य-उन्मुखी व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं। 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार लक्ष्य हासिल करना है।’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में भारत और चीन को ‘हेलहोल’ यानी नरक का छेद कहा था। इस पर विदेश मंत्रालय ने बहुत संक्षिप्त जवाब दिया। प्रवक्ता ने कहा, ‘हमने कुछ रिपोर्टें देखी हैं और हम इस मामले को यहीं छोड़ते हैं।’
भारत ने घातक हथियारों के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाने के जापान के फैसले का स्वागत किया है। जापान ने रक्षा उपकरणों के हस्तांतरण से जुड़े अपने तीन सिद्धांतों की समीक्षा की है। भारत का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ेगा। यह कदम दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
पश्चिम एशिया के हालातों पर भारत ने अपना रुख स्पष्ट किया। भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी संघर्ष को संवाद और कूटनीति से सुलझाया जाना चाहिए। भारत शांति के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन करता है।
फारस की खाड़ी और होर्मुज में भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर अहम जानकारी दी गई है। पिछले कुछ हफ्तों में 10 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से बाहर निकल चुके हैं। हालांकि, 14 भारतीय जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। हाल ही में जिन दो विदेशी जहाजों पर गोलीबारी हुई, उनमें मौजूद सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। भारत सरकार लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है।



