नेतन्याहू का सख्त संदेश—‘हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान अभी खत्म नहीं’, सीजफायर के बीच बढ़ा तनाव

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यरूशलम: इजरायल और लेबनान के बीच अस्थायी संघर्ष विराम के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ शब्दों में कहा है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है और आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है।

सीजफायर पर सहमति, लेकिन ऑपरेशन जारी

Benjamin Netanyahu ने बताया कि इजरायल ने लेबनान में अस्थायी संघर्ष विराम पर सहमति दी है और यह फैसला अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के अनुरोध पर लिया गया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह विराम स्थायी नहीं है और हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान अभी अधूरा है।

90% हथियार भंडार तबाह करने का दावा

इजरायली प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उनकी सेना हिजबुल्लाह के करीब 90 प्रतिशत मिसाइल और रॉकेट भंडार को नष्ट कर चुकी है। इसके बावजूद उन्होंने माना कि संगठन को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य अभी हासिल नहीं हुआ है।

ट्रंप का बयान—‘अब बहुत हो गया’

इस घटनाक्रम के बीच Donald Trump ने भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इजरायल को लेबनान पर आगे बमबारी से रोका है और संकेत दिया कि अब हालात को और बिगड़ने से बचाने की जरूरत है।

लेबनान सरकार का सख्त रुख

दूसरी ओर, लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने ऐलान किया कि उनकी सरकार राजधानी बेरूत समेत पूरे गवर्नरेट पर नियंत्रण मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि हथियारों को सिर्फ सरकारी सेना तक सीमित किया जाएगा, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हिजबुल्लाह की शर्त—पूरी वापसी के बाद ही शांति

हिजबुल्लाह ने संघर्ष विराम का समर्थन तो किया है, लेकिन इसके लिए शर्तें भी रखी हैं। संगठन का कहना है कि यह समझौता पूरे लेबनान में लागू होना चाहिए और इजरायली सेना की पूर्ण वापसी के साथ ही प्रभावी माना जाएगा। साथ ही, समूह ने इस संघर्ष विराम का श्रेय ईरान के दबाव को दिया है।

भारी जान-माल का नुकसान

लगातार जारी हमलों के बीच लेबनान में हालात गंभीर बने हुए हैं। 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों में 2,294 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7,544 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र में स्थायी शांति को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।