महिला आरक्षण पर चुनाव के बाद बुलाई जाएगी बैठक, जारी रहेगी सहमति की कोशिश

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नई दिल्ली : संसद के वर्तमान बजट सत्र का सत्रावसान नहीं, बल्कि स्थगन होगा। सरकार की रणनीति पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद सत्र की दो और बैठकें बुलाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाने की है। अगले सप्ताह बृहस्पतिवार को कार्यवाही के स्थगन के बाद सरकार इस मामले में व्यापक सहमति बनाने का सिलसिला जारी रखेगी। सरकार के सूत्र के मुताबिक 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद दो दिन की बैठक बुलाने के लिए सुविधाजनक तारीख तय की जाएगी।

अभी यह तय नहीं हो पाया है कि संविधान संशोधन विधेयक के लिए मतदान खत्म होने के तत्काल बाद बैठक बुलाई जाए या फिर चार मई को मतगणना का इंतजार किया जाए। इस बीच सरकार विधेयक के संबंध में समग्र योजना के साथ विपक्षी दलों से अलग-अलग बात करेगी।

संशोधन विधेयक पारित करने के बाद सरकार को परिसीमन आयोग का गठन करना होगा। चूंकि लोकसभा की 50 फीसदी सीटें बढऩी है। अलग-अलग राज्यों की विधानसभा सीटों में भी बढ़ोत्तरी होगी है। ऐसे में नई सीटों के सीमांकन के लिए आयोग को लंबी मशक्कत करनी होगी। सरकार का अनुमान है कि सीमांकन कर रिपोर्ट देने में आयोग को दो साल का समय लग सकता है। चूंकि महिला आरक्षण अगले आम चुनाव में लागू होना है, ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि अंतिम समय में इसे लागू के मामले में कोई पेच फंसे।

सीटों की संख्या बढ़ाने के मामले में सरकार को किसी तरह की विवाद की आशंका नहीं है। दरअसल सरकार ने विवाद से बचने के लिए सीटों की संख्या जनसंख्या की जगह आनुपातिक आधार पर बढ़ाने का निर्णय लिया है। ऐसे में सभी राज्यों के लोकसभा सीटों की संख्या 50 फीसदी बढ़ जाएगी। चूंकि सीटों की संख्या बढ़ेगी, इसलिए पुरुष वर्ग को संसद और विधानसभाओं में अपना प्रतिनिधित्व घटने की आशंका नहीं रहेगी।