लखनऊ को ग्रीन कॉरिडोर की बड़ी सौगात, राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को एक अहम बुनियादी ढांचा परियोजना को जनता को समर्पित किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर का उद्घाटन किया। झूलेलाल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। करीब 57 किलोमीटर लंबे इस ग्रीन कॉरिडोर को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
अवैध कब्जा हटाकर तैयार किया गया प्रोजेक्ट
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस जमीन पर पहले अवैध कब्जा था, उसे खाली कराकर उसी संसाधन का उपयोग करते हुए इस परियोजना को तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए सरकार ने प्राधिकरण को अलग से कोई अतिरिक्त बजट नहीं दिया, बल्कि अवैध कब्जा हटाकर प्राप्त जमीन और संसाधनों से ही विकास कार्यों को अंजाम दिया गया।
कुकरैल नदी पर बना छह लेन का आधुनिक पुल
ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण में समतामूलक चौराहे से निशातगंज के बीच करीब 130 करोड़ रुपये की लागत से कई अहम विकास कार्य पूरे किए गए हैं। इस चरण के तहत कुकरैल नदी पर 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा छह लेन का पुल बनाया गया है, जिसकी लागत लगभग 45 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा कुकरैल से निशातगंज के बीच 1.10 किलोमीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा बंधा और सड़क निर्माण का काम भी कराया गया है।
सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक को मिलेगी राहत
ग्रीन कॉरिडोर के तहत हनुमान सेतु से निशातगंज पुल तक सड़क की चौड़ाई 10 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर कर दी गई है। इससे निशातगंज और कुकरैल चौराहे पर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने से नए और पुराने लखनऊ के बीच की दूरी भी कम होने की उम्मीद है।
चार चरणों में विकसित हो रहा है ग्रीन कॉरिडोर
लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर परियोजना को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में आईआईएम रोड से पक्का पुल तक का काम पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में पक्का पुल से पिपराघाट तक निर्माण कार्य संपन्न हो गया है। तीसरे चरण में पिपराघाट से शहीद पथ तक के कार्य को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि चौथे चरण में शहीद पथ से किसान पथ तक निर्माण की तैयारियां जारी हैं।



