33 देशों की मौजूदगी में भारत ने संभाली इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम की कमान
विशाखापट्टनम में 20 फरवरी को इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम के नौसेना प्रमुखों का सम्मेलन आयोजित हुआ। इस दौरान भारतीय नौसेना ने रॉयल थाई नेवी से सिम्पोजियम की अध्यक्षता औपचारिक रूप से संभाल ली। करीब 16 साल बाद भारत इस महत्वपूर्ण मंच की कमान पर लौटा है।
भारत की वापसी और वैश्विक भागीदारी
भारत ने इससे पहले 2008 से 2010 तक इस मंच की पहली अध्यक्षता की थी। अब एक बार फिर देश को हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को नई दिशा देने की जिम्मेदारी मिली है। सम्मेलन में हिंद महासागर से जुड़े 33 देशों की नौसेनाओं के प्रमुख और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
समुद्री सुरक्षा सहयोग पर जोर
यह आईओएनएस का 9वां कॉन्क्लेव था, जिसमें अटलांटिक से लेकर प्रशांत महासागर तक के देशों की भागीदारी ने क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ती गंभीरता को रेखांकित किया। भारतीय नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि भारत इस मंच को अधिक सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाना चाहता है। सदस्य देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, आपदा राहत और सूचना साझाकरण को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
नई पहलें और विस्तार
कॉन्क्लेव के दौरान आईओएनएस की नई वेबसाइट लॉन्च की गई, जिसे भारतीय नौसेना ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच बेहतर तालमेल और सुरक्षित संवाद सुनिश्चित करना है। साथ ही फिलीपींस को पर्यवेक्षक के रूप में शामिल किया गया और ओमान को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यसमूह में जोड़ा गया।
आगामी योजनाएं और क्षेत्रीय संदेश
भारत ने अपने कार्यकाल के दौरान आईओएनएस मैरीटाइम एक्सरसाइज के आयोजन, आईओएस सागर की तैनाती और सदस्य देशों के बीच नियमित समुद्री सूचना साझा करने की कार्यशालाएं शुरू करने की योजना प्रस्तुत की। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह नेतृत्व परिवर्तन हिंद महासागर क्षेत्र में सामूहिक सुरक्षा प्रयासों को नई गति देगा और सदस्य देशों के बीच भरोसा मजबूत करेगा।



