पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम से रिटायरमेंट के बाद पेंशन की टेंशन खत्म, हर महीने 20,000 रुपये तक कमाई का पूरा कैलकुलेशन
MUMBAI, INDIA - SEPTEMBER 1: Post officials seen operating after the launch of the India Post Payments Bank (IPPB), the largest payments bank in the country by network size at VP Road Post Office branch, on September 1, 2018 in Mumbai, India. (Photo by Bhushan Koyande/Hindustan Times via Getty Images)
भारत में रिटायरमेंट के बाद सीनियर सिटीजंस के सामने सबसे बड़ी चुनौती नियमित आय की होती है। ऐसे में अगर सही निवेश विकल्प न चुना जाए, तो जीवनभर की जमा पूंजी तेजी से खत्म हो सकती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सीनियर सिटीजंस सेविंग स्कीम (SCSS) शुरू की है, जिसे पोस्ट ऑफिस और बैंकों के जरिए चलाया जाता है। यह स्कीम सुरक्षित निवेश, तय ब्याज और नियमित इनकम का भरोसा देती है।
क्या है सीनियर सिटीजंस सेविंग स्कीम (SCSS)
SCSS सरकार की स्मॉल सेविंग स्कीम है, जिसे खासतौर पर रिटायर लोगों की आर्थिक सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। इस योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा 55 से 60 वर्ष की उम्र के वे कर्मचारी, जिन्होंने सुपरएनुएशन या वीआरएस लिया है, वे भी कुछ शर्तों के साथ इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं। रक्षा सेवाओं से रिटायर्ड अधिकारी विशेष शर्तों में 50 साल की उम्र के बाद भी SCSS खाता खोल सकते हैं। यह खाता एकल या जीवनसाथी के साथ ज्वाइंट रूप से खोला जा सकता है। इसकी मैच्योरिटी अवधि पांच साल होती है, जिसे आगे तीन साल के लिए बढ़ाया भी जा सकता है।
SCSS में निवेश की सीमा कितनी है
इस योजना में न्यूनतम निवेश 1,000 रुपये से शुरू होता है और उसके बाद 1,000 रुपये के मल्टीपल में पैसा लगाया जा सकता है। अधिकतम निवेश सीमा 30 लाख रुपये तय की गई है। यह सीमा हाल ही में रिटायर हुए लोगों को अपनी बड़ी रकम सुरक्षित सरकारी स्कीम में लगाने का मौका देती है।
मौजूदा ब्याज दर कितनी मिल रही है
सीनियर सिटीजंस सेविंग स्कीम पर फिलहाल 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है। ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है। ब्याज दरों की समीक्षा समय-समय पर आर्थिक हालात और महंगाई को ध्यान में रखते हुए की जाती है। ब्याज की रकम अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के पहले कार्य दिवस पर निवेशकों के खाते में जमा होती है।
SCSS से हर महीने 20,000 रुपये कैसे मिल सकते हैं
अगर कोई सीनियर सिटीजन SCSS में अधिकतम 30 लाख रुपये का निवेश करता है, तो मौजूदा 8.2 फीसदी सालाना ब्याज दर के हिसाब से उसे करीब 2.46 लाख रुपये सालाना ब्याज मिलेगा। इस रकम को अगर 12 महीनों में औसतन बांटा जाए, तो हर महीने लगभग 20,500 रुपये की इनकम बनती है। यही वजह है कि यह स्कीम पेंशन के विकल्प के तौर पर काफी लोकप्रिय हो रही है।
SCSS में टैक्स से जुड़ी अहम बातें
SCSS में जमा की गई रकम आयकर कानून की धारा 80C के तहत टैक्स डिडक्शन के दायरे में आती है। निवेशक 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। हालांकि, यह छूट केवल मूलधन पर मिलती है, ब्याज की रकम आपकी आय के अनुसार टैक्सेबल होती है। अगर सालाना ब्याज 1 लाख रुपये से ज्यादा है, तो उस पर 10 फीसदी टीडीएस काटा जाता है। यदि कुल आय टैक्स की मूल छूट सीमा से कम है, तो टीडीएस से बचने के लिए फॉर्म 15H जमा किया जा सकता है।
कहां खोल सकते हैं SCSS अकाउंट
सीनियर सिटीजंस सेविंग स्कीम का खाता देशभर के पोस्ट ऑफिस और अधिकृत बैंकों में खोला जा सकता है। यह योजना India Post और भारत सरकार के तहत संचालित की जाती है, जिससे निवेशकों को पूंजी की पूरी सुरक्षा मिलती है।



