रांची में शुरू हुआ पूर्वी भारत का पहला AI प्रशिक्षण केंद्र, तीन शिफ्ट में सरकारी कर्मियों को मिलेगी आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग
रांची। झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में सरकारी कर्मचारियों के लिए पूर्वी भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण केंद्र शुरू हो गया है। यह केंद्र प्रशासनिक कामकाज में तकनीकी बदलाव की नई शुरुआत मानी जा रही है, जहां अब पारंपरिक कार्यप्रणाली से आगे बढ़कर एआई आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
तीन पालियों में दिया जा रहा प्रशिक्षण
इस एआई प्रशिक्षण केंद्र में कर्मचारियों को तीन पालियों में ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि अधिक से अधिक कर्मी आधुनिक तकनीक से जुड़ सकें। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मियों की कार्यकुशलता बढ़ाना और उन्हें भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करना है।
भारतीय प्रशासनिक फेलो कर रहे नेतृत्व
भारत सरकार के निर्देश पर राज्य में तैनात भारतीय प्रशासनिक फेलो विनोद कुमार पांडेय के नेतृत्व में यह एआई सेल संचालित किया जा रहा है। पांडेय को झारखंड में सरकारी कर्मियों के बीच नई तकनीक को समझाने और उसे व्यवहारिक रूप से लागू कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल वे ग्रामीण विकास विभाग में एआई सपोर्ट सेल के ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रहे हैं।
कंप्यूटर दक्षता से एआई तक का सफर
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सबसे पहले कर्मचारियों की कंप्यूटर दक्षता को मजबूत किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी और व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में विभागीय कार्यों में एआई का सक्रिय उपयोग देखने को मिलेगा।
डिजिटल सुरक्षा और तेज कार्य निष्पादन पर जोर
एआई और कंप्यूटर प्रशिक्षण के बाद कर्मचारी सरकारी दस्तावेजों को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने में सक्षम होंगे। विभागीय कार्यों में एआई के इस्तेमाल से कामकाज में तेजी आएगी और गड़बड़ियों की संभावना न्यूनतम स्तर तक लाई जा सकेगी।
अन्य विभागों में भी लागू करने की तैयारी
ग्रामीण विकास विभाग में सफल प्रयोग के बाद इस तरह के एआई प्रशिक्षण केंद्र अन्य विभागों में भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि राज्य प्रशासन को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और आधुनिक बनाया जा सके।



