गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में हुआ रिकॉर्ड निवेश, जनवरी में एयूएम 3 लाख करोड़ रुपए के पार

Rising gold prices impact marriages and economy in Erbil

गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश लगातार बढ़ रहा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में इन दोनों ईटीएफ का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 3 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया।

पिछले पांच महीनों में इन फंड्स का एयूएम लगभग तीन गुना बढ़ा है। अगस्त 2025 में यह 1 लाख करोड़ रुपए था, जो जनवरी तक बढ़कर 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया। यह बढ़ोतरी निवेशकों के बड़े पैमाने पर निवेश करने के कारण हुई, जबकि इस दौरान सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी देखा गया। इसके साथ ही निवेशकों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। गोल्ड ईटीएफ में फोलियो की संख्या 80.34 लाख से बढ़कर 1.14 करोड़ हो गई, जबकि सिल्वर ईटीएफ में फोलियो 11.31 लाख से बढ़कर 47.85 लाख तक पहुंच गए।

जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में 24,039 करोड़ रुपए और सिल्वर ईटीएफ में 9,463 करोड़ रुपए का निवेश आया। इन दोनों को मिलाकर कुल निवेश 33,000 करोड़ रुपए से ज्यादा रहा, जो उसी महीने इक्विटी फंड में आए 24,029 करोड़ रुपए से भी अधिक था। दिसंबर में गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में कुल 15,609 करोड़ रुपए का निवेश हुआ था, जबकि इक्विटी फंड में 28,055 करोड़ रुपए आए थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों ने आर्थिक अनिश्चितता के कारण कुछ समय के लिए सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया है। उन्होंने सलाह दी है कि लंबे समय के निवेशक अपने कुल निवेश का लगभग 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं में रखें और एकमुश्त निवेश करने की बजाय किस्तों में निवेश करें।

जनवरी के अंत तक ओपन-एंडेड इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीमों का कुल एयूएम 34.86 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि ओपन-एंडेड डेट-ओरिएंटेड स्कीमों का एयूएम 18.90 लाख करोड़ रुपए था। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेश जारी रहा। नियमित एसआईपी निवेश और भारतीय शेयर बाजार की लंबी अवधि की विकास संभावनाओं पर भरोसे ने निवेश को सहारा दिया।

उन्होंने कहा कि हालांकि कुल निवेश में थोड़ी कमी मिड और स्मॉल कैप फंड में कम होती रफ्तार के कारण देखी गई। वहीं लार्ज-कैप और फोकस्ड फंड्स में दिसंबर की तुलना में जनवरी में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।