तकनीकी नवाचार के लिए सरकार की नई वित्तीय सहायता योजना

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केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह  ने बुधवार को रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन फंड (RDI Fund) के तहत टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB) की पहली ओपन कॉल शुरू की। इसका उद्देश्य नई और जोखिम वाली तकनीकों को बाज़ार तक पहुँचाने में मदद करना है।

मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 191 प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से ज़्यादातर निजी क्षेत्र से आए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रतिक्रिया दिखाती है कि निजी कंपनियों का सरकार की नवाचार आधारित विकास नीति पर भरोसा बढ़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह ज़रूरी है कि आवेदन योजना की भावना के अनुरूप हों और धन का उपयोग वास्तविक तकनीकी विकास और विस्तार के लिए किया जाए।

RDI फंड के तहत TDB की यह पहली कॉल उन परियोजनाओं पर केंद्रित है, जिनकी तकनीकी तैयारी स्तर (TRL) कम से कम स्तर 4 या उससे ऊपर है। परियोजना की ज़रूरत के अनुसार सहायता ऋण, इक्विटी या मिश्रित माध्यम से दी जाएगी। यह सहायता द्वितीय स्तर के फंड प्रबंधकों (SLFM) के ज़रिये उपलब्ध कराई जाएगी।

इस योजना के तहत किसी भी परियोजना को कुल लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत तक वित्तीय सहयोग मिलेगा। शेष राशि कंपनी या निजी निवेशकों को स्वयं लगानी होगी।

RDI फंड, Anusandhan National Research Foundation का हिस्सा है, जिसे प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नवंबर 2025 में शुरू किया था। इसका उद्देश्य देश में विकसित तकनीकों को बाज़ार तक पहुँचाने के लिए दीर्घकालिक और संरचित वित्तीय सहायता देना है।

यह फंड निजी कंपनियों को उन क्षेत्रों में तकनीक विकसित और विस्तार करने का मौका देता है, जो पहले ज़्यादातर सरकारी क्षेत्र तक सीमित थे।

RDI फंड का कुल आकार 1 लाख करोड़ रुपये है। इसके तहत 2 से 4 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 15 साल तक की अवधि के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें शुरुआती समय के लिए भुगतान से छूट (मोराटोरियम) का प्रावधान भी है।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस ढांचे को इस तरह बनाया गया है कि तकनीक विकसित करने वालों को आसान पूंजी उपलब्ध हो, साथ ही वित्तीय अनुशासन भी बना रहे।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बिना किसी गारंटी के ऋण दिया जाएगा और व्यक्तिगत या कॉर्पोरेट गारंटी की ज़रूरत नहीं होगी। प्रस्तावों का मूल्यांकन वैज्ञानिक, तकनीकी, वित्तीय और व्यावसायिक योग्यता के आधार पर किया जाएगा और इसके लिए तय समय-सीमा होगी।