सर्विक्स में बार-बार चोट लगना बन सकता है cervical cancer का कारण

Cancer

नई दिल्‍ली : व्यस्त जीवनशैली के कारण महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं पाती हैं। इन दिनों एक बड़ी संख्या में महिलाएं कैंसर से पीड़ित हो रही हैं। इसे होने का उन्हें पता तक नहीं चल पाता है। खासकर सर्वाइकल कैंसर होने का शुरुआती दौर में पता भी नहीं चल पाता है। सर्वाइकल कैंसर का पता तब चलता है जब यह थर्ड स्टेज में आ चुका होता है। इस स्टेज में यह बीमारी लाइलाज हो जाती है। इसलिए इनके लक्षणों को जानना जरूरी है। जनवरी का महीना सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता का महीना है। इसलिए सभी महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर के लक्षण और सर्विक्स यानी गर्भाशाय ग्रीवा के स्वास्थ्य के बारे में जानना जरूरी है। सर्वाइकल कैंसर का जोखिम दुनिया भर में बढ़ रहा है। यह ऐसी खतरनाक बीमारी है जो जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसलिए अगर आप यौन रूप से सक्रिय हैं, तो अपनी सर्विक्स के स्वास्थ्य पर नजर रखें।

व्यस्त जीवनशैली के कारण महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं पाती हैं। इन दिनों एक बड़ी संख्या में महिलाएं कैंसर से पीड़ित हो रही हैं। इसे होने का उन्हें पता तक नहीं चल पाता है। खासकर सर्वाइकल कैंसर होने का शुरुआती दौर में पता भी नहीं चल पाता है। सर्वाइकल कैंसर का पता तब चलता है जब यह थर्ड स्टेज में आ चुका होता है। इस स्टेज में यह बीमारी लाइलाज हो जाती है। इसलिए इनके लक्षणों को जानना जरूरी है। जनवरी का महीना सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता का महीना है। इसलिए सभी महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर के लक्षण और सर्विक्स यानी गर्भाशाय ग्रीवा के स्वास्थ्य के बारे में जानना जरूरी है।

सर्वाइकल कैंसर तब होता है जब गर्भाशय ग्रीवा (cervix) की कोशिकाएं प्रभावित हो जाती हैं। यह कैंसर सर्विक्स के इनर टिश्यू को प्रभावित कर देता है। बाद के चरणों में यह शरीर के अन्य भागों में भी फैल जाता है। इस कैंसर की रोकथाम टीके से की जा सकती है।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण कुछ इस प्रकार के होते हैं
शुरुआत में सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों को पहचानना आसान नहीं होता है। अन्य समस्याओं जैसे ही सर्वाइकल कैंसर के लक्षण नज़र आते हैं। सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं:

1 पेल्विक रीजन में दर्द
सर्वाइकल कैंसर कभी-कभी पीठ दर्द या पेल्विक रीजन में दबाव या भारीपन का कारण बन जाता है।

2 पेशाब करने में परेशानी
यूरीन में ब्लड आने के साथ-साथ फ्रीक्वेंट यूरीनेशन और यूरीन पास पर कट्रोल नहीं रहना भी हो सकता है।

3 सेक्स के दौरान तेज दर्द
असामान्य ब्लीडिंग के अलावा सेक्स के दौरान तेज दर्द होता है। ब्लीडिंग भी अधिक होती है।

4 हड्डी में दर्द
यदि लगातार हड्डी में दर्द रहता है, तो यह सर्वाइकल कैंसर का लक्षण भी हो सकता है। इसके अलावा किडनी खराब होने का भी डर रहता है। थकान, कमर दर्द, पेट दर्द भी सर्वाइकल कैंसर की निशानी हो सकती है।