एअर इंडिया का मेगा एक्सपेंशन प्लान: बेड़े में जुड़ेंगे 30 नए बोइंग 737 मैक्स, घरेलू उड़ानों को मिलेगी नई रफ्तार

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नई दिल्ली। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एअर इंडिया ने अपने बेड़े के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। घरेलू और क्षेत्रीय रूट्स पर तेजी से बढ़ रही यात्री मांग को देखते हुए एयरलाइन ने 30 अतिरिक्त ईंधन-कुशल बोइंग 737 मैक्स विमानों का ऑर्डर दिया है। इस फैसले से एअर इंडिया की ऑपरेशनल क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक मजबूती में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।

20 बोइंग 737-8 और 10 बोइंग 737-10 विमान होंगे शामिल
नए ऑर्डर में 20 बोइंग 737-8 और 10 बोइंग 737-10 विमान शामिल हैं। इसके साथ ही एअर इंडिया का बोइंग के साथ कुल ऑर्डर बुक लगभग 200 विमानों तक पहुंच गया है। यह ऑर्डर मौजूदा विकल्पों के तहत दिया गया है, जिसमें से 20 विमानों की खरीद को इस महीने अंतिम रूप दिया गया, जबकि 10 विमानों का ऑर्डर पहले बोइंग की ऑर्डर एंड डिलीवरी वेबसाइट पर अज्ञात श्रेणी में दर्ज था।

विंग्स एयरशो में हुआ आधिकारिक ऐलान
इस बड़े सौदे की घोषणा हैदराबाद में आयोजित वार्षिक विंग्स एयरशो के दौरान बोइंग और एअर इंडिया ने संयुक्त रूप से की। इस मौके पर एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कहा कि 30 बोइंग 737 विमानों का यह अतिरिक्त ऑर्डर कंपनी की दीर्घकालिक बेड़ा रणनीति का अहम हिस्सा है।

भविष्य के लिए विश्वस्तरीय एयरलाइन बनाने की रणनीति
कैंपबेल विल्सन ने कहा कि हमारा लक्ष्य एअर इंडिया को एक ऐसी विश्वस्तरीय वैश्विक एयरलाइन के रूप में स्थापित करना है, जिसकी जरूरत भारत को है और जिसकी उम्मीद दुनिया करती है। यह ऑर्डर उसी सोच और रणनीति का हिस्सा है, जिससे एअर इंडिया आने वाले वर्षों में और मजबूत बन सके।

अत्याधुनिक इंजन और बेहतर ईंधन दक्षता
ये सभी नए बोइंग 737 मैक्स विमान CFM LEAP-1B इंजनों से लैस होंगे। ये इंजन बेहतर ईंधन दक्षता, कम उत्सर्जन, उच्च विश्वसनीयता और यात्रियों के लिए बेहतर आराम सुनिश्चित करते हैं। 737-8 विमानों का इस्तेमाल हाई-फ्रीक्वेंसी घरेलू और छोटी दूरी की क्षेत्रीय उड़ानों में किया जाएगा, जबकि 737-10 मॉडल कम प्रति सीट लागत पर अधिक यात्रियों को ले जाने में सक्षम होंगे।

निजीकरण के बाद तेजी से बढ़ा एअर इंडिया का बेड़ा
एअर इंडिया के निजीकरण के बाद से कंपनी ने नए विमानों की डिलीवरी, रणनीतिक लीजिंग, विस्तारा के साथ विलय और लंबे समय से ग्राउंडेड विमानों को दोबारा सक्रिय करने के जरिए अपने बेड़े में लगभग 170 विमानों को जोड़ा है। यह प्रक्रिया एयरलाइन के आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार की दिशा में अहम साबित हुई है।

भारतीय एविएशन बाजार में मजबूत होगी पकड़
बोइंग के कमर्शियल मार्केट आउटलुक के मुताबिक, भारत और दक्षिण एशिया में अगले 20 वर्षों में करीब 3,300 नए विमानों की जरूरत होगी, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत सिंगल-आइल विमान होंगे। एअर इंडिया का यह नया ऑर्डर भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर में उसकी स्थिति को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

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