बर्फबारी के चलते श्रीनगर में हवाई सेवाएं बाधित, एयरपोर्ट पर बर्फ हटाने का काम जारी

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कश्मीर घाटी में आज शुक्रवार को हुई ताज़ा बर्फबारी ने पूरे इलाके को सफेद चादर में ढक दिया। लगातार हो रहे हिमपात और खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर हवाई और सड़क यातायात पर पड़ा है। श्रीनगर सहित घाटी के कई इलाकों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जबकि ठंड में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खराब मौसम के चलते श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्लाइट ऑपरेशंस बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अगर इसी तरह बर्फबारी होती रही तो कई दिनों तक लगातार विमान सेवाएं स्थगित हो सकती हैं।

अधिकारियों के मुताबिक खराब दृश्यता और रनवे पर जमी बर्फ के कारण न तो उड़ानों की लैंडिंग हो सकी और न ही टेकऑफ। एयरलाइंस ने यात्रियों को उड़ानों में देरी और रद्द होने की चेतावनी दी है और यात्रियों से अपनी-अपनी एयरलाइंस से संपर्क में रहने की अपील की गई है।

हालांकि, ताजा जानकारी के अनुसार सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने श्रीनगर हवाई अड्डे के रनवे को बर्फ हटाने के बाद ऑपरेशंस के लिए मंजूरी दे दी है, जिससे आने वाले समय में उड़ानों के धीरे-धीरे बहाल होने की उम्मीद है।

वहीं सड़क यातायात की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को नवयुग टनल के पास एहतियातन बंद कर दिया गया है। इसके अलावा मुगल रोड और सिंथन रोड भी कई स्थानों पर भारी बर्फ जमने के कारण बंद हैं। जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक पुलिस ने फिसलन और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है। सड़कें खुलने का निर्णय मौसम में सुधार और बर्फ हटाने के बाद ही लिया जाएगा।

लगातार बंद सड़क और हवाई सेवाओं के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों ने आरोप लगाया है कि उड़ान सेवाएं बंद होने के चलते हवाई किरायों में भारी बढ़ोतरी हो गई है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

मौसम विभाग के अनुसार श्रीनगर और आसपास के इलाकों में अभी भी भारी बर्फबारी जारी है। मौजूदा हालात को देखते हुए यातायात व्यवस्था के पूरी तरह सामान्य होने में अपेक्षा से अधिक समय लग सकता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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