रोज एक कटोरी ओट्स, दिल रहेगा मजबूत: हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाव का आसान तरीका

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नई दिल्ली। आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में दिल की बीमारियां सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। असंतुलित खानपान, तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी और गलत लाइफस्टाइल के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल आम समस्या बन चुका है। यही बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे धमनियों में जमता है और आगे चलकर हार्ट अटैक व स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थितियों का कारण बनता है। ऐसे में दवाओं के साथ-साथ अगर रोज़मर्रा के भोजन में सही चीज़ शामिल कर ली जाए, तो दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। ओट्स इसी कड़ी का एक अहम हिस्सा है।

आयुर्वेद की नजर में ओट्स क्यों है फायदेमंद
आयुर्वेद के अनुसार ओट्स हल्का, सुपाच्य और शरीर में संतुलन बनाए रखने वाला आहार है। रोजाना एक कटोरी ओट्स खाने से शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी और हानिकारक तत्व बाहर निकलने लगते हैं। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और जब पाचन सही रहता है, तो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल अपने आप नियंत्रित होने लगता है।

विज्ञान क्या कहता है ओट्स के बारे में
आधुनिक विज्ञान भी ओट्स को दिल के लिए बेहद लाभकारी मानता है। इसमें मौजूद बीटा-ग्लूकान नाम का घुलनशील फाइबर पेट में जाकर जेल जैसी परत बना लेता है। यह परत आंतों में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करती है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल का स्तर घटने लगता है। इसका सीधा असर दिल की धमनियों पर पड़ता है, जो बेहतर तरीके से काम करने लगती हैं।

वजन घटाने और ऊर्जा के लिए भी असरदार
ओट्स सिर्फ कोलेस्ट्रॉल ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है। इसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों को मजबूती देता है। इसके जटिल कार्बोहाइड्रेट धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे लंबे समय तक पेट भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती। यही कारण है कि वजन कम करने वालों के लिए ओट्स को आदर्श नाश्ता माना जाता है।

जरूरी विटामिन और मिनरल्स का खजाना
ओट्स में कई अहम पोषक तत्व पाए जाते हैं। आयरन खून की कमी को दूर करने में मदद करता है, जबकि मैग्नीशियम और पोटेशियम दिल की धड़कन को संतुलित रखने में सहायक होते हैं। इसके अलावा जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं, जिससे बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है।

ब्लड शुगर कंट्रोल में भी मददगार
दिल की सेहत के लिहाज से ओट्स इसलिए भी खास है क्योंकि यह ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता है। ओट्स धीरे पचता है, जिससे खून में शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। इसी वजह से डायबिटीज के मरीजों के लिए भी ओट्स एक सुरक्षित और लाभकारी आहार माना जाता है। जब शुगर और कोलेस्ट्रॉल दोनों काबू में रहते हैं, तो दिल की बीमारी का खतरा काफी कम हो जाता है।

मेटाबॉलिज्म सुधारे, दिल को रखे फिट
आयुर्वेद मानता है कि ओट्स शरीर को अंदर से साफ करता है। यह आंतों में जमी गंदगी को बाहर निकालता है और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है। जब मेटाबॉलिज्म सही रहता है, तो फैट जमा नहीं होता और कोलेस्ट्रॉल संतुलन में बना रहता है। यही वजह है कि जो लोग नियमित रूप से ओट्स को अपने आहार में शामिल करते हैं, उनमें दिल से जुड़ी समस्याएं अपेक्षाकृत कम देखी जाती हैं।