अकेले काशी ने देश की GDP में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान किया है: सीएम योगी

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के बदले हुए स्वरूप और उसके आर्थिक योगदान को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद अब तक अकेले काशी ने देश की जीडीपी में लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान किया है। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष काशी में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। इस दौरान लोगों ने काशी के समग्र विकास को नजदीक से देखा और इसके चलते स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज काशी की सड़कें फोर-लेन नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं, जिससे आवागमन आसान हुआ है और पर्यटन को भी नई गति मिली है।

गंगा की निर्मलता से लेकर आधुनिक कनेक्टिविटी तक बदली काशी की तस्वीर
सीएम योगी ने कहा कि काशी से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए रेल सुविधाओं में बड़ा विस्तार हुआ है। वंदे भारत, अमृत भारत एक्सप्रेस सहित कई आधुनिक ट्रेनों का संचालन हो रहा है। उन्होंने बताया कि देश में अगर इनलैंड वाटरवेज की सुविधा कहीं प्रभावी रूप से शुरू हुई है, तो वह वाराणसी से हल्दिया के बीच है। इसके साथ ही देश का पहला रोपवे प्रोजेक्ट भी वाराणसी में आकार ले रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े सभी स्थलों का संरक्षण करते हुए उन्हें नए और आकर्षक स्वरूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि काशी की पहचान विश्वनाथ मंदिर, अन्य पवित्र मंदिरों और मां गंगा से है। 2014 से पहले गंगा का जल आचमन तो दूर, स्नान करने योग्य भी नहीं था, लेकिन आज गंगा में न केवल आचमन बल्कि स्नान भी सहज रूप से किया जा सकता है।

घाटों का कायाकल्प और श्रद्धालुओं के लिए अभूतपूर्व सुविधाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी की असली पहचान उसके घाट हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 से पहले काशी के घाटों की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन आज वही घाट पुरातन वैभव के साथ आधुनिक कलेवर में स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक नजर आते हैं। उन्होंने बताया कि देश का सबसे बड़ा घाट नमो घाट आज पूरे देश को जोड़ने का एक बड़ा माध्यम बन चुका है। सीएम योगी ने कहा कि पहले विश्वनाथ मंदिर में एक समय में मुश्किल से 50 श्रद्धालु ही दर्शन कर पाते थे, जबकि आज 50 हजार श्रद्धालु एक साथ बड़े आराम से दर्शन कर सकते हैं। हर व्यक्ति को बिना किसी परेशानी के दर्शन और अभिषेक की सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परिवर्तन केवल विकास का नहीं, बल्कि आस्था, सुविधा और सम्मान के संगम का प्रतीक है, जिसने काशी को वैश्विक पहचान दिलाई है।