BMC Election Result: मुंबई में 25 साल का सियासी गणित बदला, ठाकरे युग खत्म; 45 साल बाद BJP के हाथ मेयर की कुर्सी तय
मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव के शुरुआती रुझानों ने मुंबई की राजनीति की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। 25 वर्षों से बीएमसी पर काबिज उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का किला इस बार ढहता नजर आ रहा है। रुझानों के मुताबिक भाजपा 98 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है और 227 सदस्यीय नगर निगम में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) का महायुति गठबंधन कुल 128 सीटों पर आगे चल रहा है, जिससे बीएमसी में सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है।
महायुति को स्पष्ट बढ़त, शिवसेना अकेले पिछड़ी
चुनावी रुझानों के अनुसार शिंदे गुट की शिवसेना 30 वार्डों में आगे है, जबकि भाजपा के साथ गठबंधन की स्थिति लगातार मजबूत होती दिख रही है। दूसरी ओर, लंबे समय से बीएमसी पर कब्जा जमाए उद्धव ठाकरे की शिवसेना इस बार बहुमत से काफी दूर नजर आ रही है। इस परिणाम के साथ ही मुंबई नगर निगम में 45 वर्षों में पहली बार भाजपा के मेयर बनने का रास्ता साफ हो गया है।
मेयर के लिए कितना चाहिए बहुमत
बृहन्मुंबई महानगर पालिका में कुल 227 वार्ड हैं और मेयर बनाने के लिए 114 सीटों का जादुई आंकड़ा जरूरी होता है। मौजूदा रुझानों में भाजपा लगभग 90 सीटों पर आगे है, जबकि शिंदे गुट 28 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है। इस तरह महायुति गठबंधन का कुल आंकड़ा 118 तक पहुंचता दिख रहा है, जो बहुमत से अधिक है। सीटों की संख्या के लिहाज से भाजपा सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी बन गई है, ऐसे में मेयर पद पर भाजपा का दावा मजबूत माना जा रहा है।
चार साल बाद मिलेगा बीएमसी को नया मेयर
मुंबई नगर निगम को करीब चार साल बाद नया मेयर मिलने जा रहा है। पिछली बार शिवसेना की किशोरी पेडनेकर मेयर बनी थीं। इस बार भाजपा पहली बार बीएमसी में अपना मेयर बनाने की तैयारी में है। हालांकि पार्टी ने पहले ही साफ कर दिया है कि मेयर मराठी समुदाय से ही होगा। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कई मंचों से यह दोहराया था कि मुंबई का मेयर मराठी समाज से चुना जाएगा।

मुंबई की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़
बीएमसी चुनाव के ये नतीजे केवल नगर निगम तक सीमित नहीं माने जा रहे, बल्कि इन्हें महाराष्ट्र की सियासत का बड़ा संकेत भी माना जा रहा है। 25 साल बाद शिवसेना का बीएमसी से बाहर होना और भाजपा का सबसे बड़ी पार्टी बनना मुंबई की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

