142 साल का जीवन, कई पीढ़ियों का साक्षी: सऊदी अरब के सबसे उम्रदराज व्यक्ति नासिर अल-वदाई का निधन, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
नई दिल्ली। सऊदी अरब में सबसे अधिक उम्र तक जीवित रहने वाले व्यक्ति माने जाने वाले नासिर बिन रादान अल-रशीद अल-वदाई का 142 वर्ष की आयु में निधन हो गया। गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उनका इंतकाल 8 जनवरी को राजधानी रियाद में हुआ। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। धाहरान अल-जनूब में अदा की गई जनाजे की नमाज में सात हजार से अधिक लोग शामिल हुए, जिसके बाद उन्हें उनके पैतृक गांव अल-रशीद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। परिवार के अनुसार, अल-वदाई अपने पीछे 134 बच्चे, पोते और परपोते छोड़ गए हैं।
1884 में जन्म, इतिहास के कई दौर देखे
सऊदी मीडिया के मुताबिक, नासिर अल-वदाई का जन्म वर्ष 1884 में हुआ था। यह वही दौर था जब अमेरिका में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का निर्माण शुरू हुआ था और सऊदी अरब का एकीकरण भी अभी नहीं हुआ था। परिवार का कहना है कि अल-वदाई ने देश के संस्थापक किंग अब्दुल अजीज से लेकर मौजूदा शासक किंग सलमान तक का शासनकाल देखा। उन्होंने न सिर्फ कई राजाओं का दौर जिया, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक बदलावों को भी बेहद करीब से देखा।
110 साल की उम्र में निकाह, आस्था में रहे अडिग
अल-वदाई की जिंदगी कई मायनों में असाधारण रही। परिवार के मुताबिक, उन्होंने 110 वर्ष की उम्र में आखिरी बार निकाह किया था और उसके बाद उनके यहां एक बेटी का जन्म भी हुआ। धार्मिक आस्था के मामले में भी वे मिसाल माने जाते थे। बताया जाता है कि उन्होंने अपने जीवनकाल में 40 से अधिक बार हज यात्रा पूरी की, जो उनकी मजबूत सेहत और गहरी आस्था दोनों को दर्शाता है।
उम्र को लेकर विशेषज्ञों ने जताई शंका
हालांकि, 142 साल की उम्र के दावे पर कुछ विशेषज्ञों ने सवाल भी उठाए हैं। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिटिश सोसाइटी फॉर रिसर्च ऑन एजिंग के चेयरमैन डेविड वीनकोव ने कहा कि किसी इंसान का 142 वर्ष तक जीवित रहना वैज्ञानिक रूप से बेहद दुर्लभ और लगभग असंभव सा लगता है। उनके अनुसार, 100 साल की उम्र के बाद हर अतिरिक्त साल जी पाना बेहद कम संभावना वाला होता है। अब तक के सत्यापित रिकॉर्ड में दुनिया की सबसे लंबी उम्र जीने वाली महिला फ्रांस की जीन कैलमेंट थीं, जिनकी उम्र 122 वर्ष रही। इसके बाद जापान की काने तनाका जैसी शख्सियतों का नाम आता है।

आस्था, इतिहास और बहस का केंद्र बनी जिंदगी
नासिर अल-वदाई का जीवन जहां एक ओर आस्था और धैर्य की मिसाल बना, वहीं उनकी उम्र को लेकर बहस भी चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके बावजूद सऊदी अरब में उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जा रहा है, जिसने कई पीढ़ियों, राजाओं और ऐतिहासिक बदलावों को अपनी आंखों से देखा और एक लंबा, अनोखा जीवन जिया।

