भारत-लिकटेंस्टीन आर्थिक संबंधों को नई गति, पीयूष गोयल की अहम बैठक
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि उन्होंने लिकटेंस्टीन की उप प्रधानमंत्री और विदेश मामलों की मंत्री सबाइन मोनाउनी से दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से बातचीत की है।
व्यापार, इनोवेशन और स्वच्छ प्रौद्योगिकी पर चर्चा
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए बताया कि बातचीत के दौरान व्यापार विस्तार, इनोवेशन और स्वच्छ प्रौद्योगिकी से जुड़े अवसरों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत-ईएफटीए टीईपीए के संचालन के बाद पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों को और गहरा करने के तरीकों पर भी विचार किया गया।
भारत और लिकटेंस्टीन की साझेदारी की विशेषताएं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह एक अनोखी साझेदारी है, जिसमें भारत प्रतिभा, विशाल क्षमता और मजबूत मांग प्रदान करता है, जबकि लिकटेंस्टीन उच्च मूल्य वाले विनिर्माण और विशिष्ट इंजीनियरिंग में योगदान देता है। इससे व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी प्रवाह को गति मिलने की व्यापक संभावनाएं हैं।
भारत-ईएफटीए टीईपीए जल्द होगा लागू
भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) 1 अक्टूबर से आधिकारिक रूप से लागू होने जा रहा है। इस समझौते में स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं।
15 वर्षों में 100 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता
समझौते के तहत ईएफटीए देशों ने 15 वर्षों की अवधि में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे देश में लगभग 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
यूरोप दौरे पर हैं पीयूष गोयल

मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पीयूष गोयल आधिकारिक तौर पर यूरोप की यात्रा पर गए हैं और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने की दिशा में ब्रुसेल्स में दो दिवसीय व्यापार वार्ता में भाग लेंगे।
भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में बढ़ती मजबूती
बयान में कहा गया कि यह यात्रा नई दिल्ली और ब्रुसेल्स के बीच बढ़ते राजनयिक और तकनीकी संबंधों को दर्शाती है और दोनों पक्षों के बीच सहयोग को नई दिशा देगी।
ईयू आयुक्त के साथ उच्च स्तरीय वार्ता प्रस्तावित
पीयूष गोयल यूरोपीय संघ के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविक के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे। इन वार्ताओं का उद्देश्य वार्ता टीमों को रणनीतिक मार्गदर्शन देना, लंबित मुद्दों का समाधान करना और संतुलित एवं महत्वाकांक्षी समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देना है।
लंबित मुद्दों पर स्पष्टता लाने की कोशिश
उम्मीद है कि दोनों पक्ष प्रस्तावित समझौते के प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तृत विचार-विमर्श करेंगे, ताकि मतभेदों को कम किया जा सके और लंबित मामलों पर स्पष्टता सुनिश्चित हो सके।
पिछली उच्च स्तरीय चर्चाओं पर आधारित मंत्रिस्तरीय वार्ता
यह मंत्रिस्तरीय वार्ता ब्रुसेल्स में एक सप्ताह तक चले गहन विचार-विमर्श के बाद हो रही है। इन चर्चाओं की नींव भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और यूरोपीय आयोग की व्यापार महानिदेशक सबाइन वेयंड के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठकों के दौरान रखी गई थी।

