दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट पहुंचना होगा बेहद आसान! सराय काले खां से नमो भारत और मेट्रो दौड़ाने की तैयारी

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दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट की नमो भारत ट्रेन
दिल्ली से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सफर अब और भी तेज, सुविधाजनक और बिना झंझट के होने वाला है। गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार से प्रस्तावित रूट को अब बदलकर सीधे दिल्ली के सराय काले खां से जोड़ने की बड़ी तैयारी चल रही है। इसे दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है, क्योंकि इससे नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बिल्कुल आईजीआई एयरपोर्ट की तरह सुगम होगी।

क्यों बदला जा रहा है पूरा रूट?
पहले एनसीआरटीसी ने गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार से नोएडा एयरपोर्ट तक 72.4 किलोमीटर लंबे नमो भारत और मेट्रो कॉरिडोर की डीपीआर तैयार की थी। इस रूट पर कुल 22 स्टेशन प्रस्तावित थे और लागत करीब 20,637 करोड़ रुपये आती। लेकिन केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (महुआ) ने डीपीआर लौटा दी। प्रमुख आपत्ति यही थी कि इस रूट से नोएडा एयरपोर्ट की सीधी कनेक्टिविटी दिल्ली से नहीं बन पा रही थी, जिसकी वजह से यात्रियों और परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ता। महुआ ने साफ कहा कि नोएडा एयरपोर्ट को सीधे दिल्ली से जोड़ना जरूरी है, ताकि दिल्ली का मूल ट्रैफिक बिना बदलाव के आसानी से एयरपोर्ट दिशा में डायवर्ट हो सके। इसी कारण अब रूट को फ्रेश प्लान के तहत बदला जा रहा है।

नया रूट होगा दिल्ली से शुरू
सराय काले खां को नए रूट का शुरुआती बिंदु बनाया जाएगा। यहीं से नमो भारत और मेट्रो दोनों सीधे नोएडा एयरपोर्ट तक चलाने की तैयारी है। प्रस्तावित रूट इस प्रकार है: सराय काले खां (दिल्ली), नोएडा सिटी सेंटर, एनएसईजेड, सूरजपुर, नॉलेज पार्क-3, परी चौक, इकोटेक-6, दनकौर, यीडा सेक्टर-18 व 21 और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट। हालांकि, कितने स्टेशन होंगे, रूट कितने किलोमीटर लंबा बनेगा और लागत क्या होगी, यह सब फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद तय किया जाएगा।

दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा
यह नया रूट तैयार होने के बाद दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट का सफर काफी कम समय में पूरा होगा। यात्रियों को मेट्रो और नमो भारत दोनों ऑप्शन मिलेंगे। साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी आईजीआई जैसे स्तर पर पहुंच जाएगी। एनसीआरटीसी को इस नए रूट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी मिल चुकी है। रिपोर्ट के बाद रूट को अंतिम मंजूरी मिल सकती है।