भारत की बढ़ेगी सैन्य क्षमता, अमेरिका के साथ 47.1 मिलियन डॉलर की डील; मिलेंगे ये खतरनाक हथियार

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नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच एक बड़े सैन्य समझौते का रास्ता साफ हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारत के लिए 47.1 मिलियन डॉलर की हथियार बिक्री को मंजूरी दे दी है। इसके बाद भारत को जेवलिन एंटी-टैंक मिसाइल और एक्सकैलिबर सटीक-निर्देशित आर्टिलरी राउंड्स मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) ने कांग्रेस को भेजी अधिसूचना में बताया है कि भारत सरकार ने 100 FGM-148 जेवलिन मिसाइल राउंड्स, 1 जेवलिन FGM-148 फ्लाई-टू-बाय मिसाइल और 25 लाइटवेट कमांड लॉन्च यूनिट्स (LwCLU) या ब्लॉक-1 कमांड लॉन्च यूनिट्स (CLU) खरीदने का अनुरोध किया है। इसके अलावा भारत 216 एक्सकैलिबर आर्टिलरी राउंड्स भी खरीदेगा।

डीएससीए ने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग ने 47.1 मिलियन डॉलर की अनुमानित लागत से एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल और अन्य उपकरणों की संभावित बिक्री को मंजूरी दी है। एजेंसी के अनुसार, इन हथियारों को भारतीय सेना में शामिल करने में किसी प्रकार की तकनीकी या परिचालनिक मुश्किल नहीं आएगी। साथ ही, इस सौदे से क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।

क्या है जेवलिन मिसाइल सिस्टम?
जेवलिन दुनिया की सबसे उन्नत पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों में से एक है, जिसे लॉकहीड मार्टिन और RTX ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। इसे फायर एंड फॉरगेट मिसाइल कहा जाता है, यानी फायर करने के बाद सैनिक को लक्ष्य पर नजर बनाए रखने की आवश्यकता नहीं होती। यह मिसाइल स्वयं लक्ष्य को पहचानकर हमला करती है।

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