यूपी की बहनों को सीएम योगी का भाई दूज तोहफा… किया बड़ा ऐलान, महंगाई से मिलेगी राहत

UP CM Yogi Adityanath addresses the public meeting ahead of Haryana Assembly elections

Jind, Oct 03 (ANI): Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath addresses the public meeting ahead of Haryana Assembly elections, at Safidon, in Jind on Thursday. (ANI Photo)

लखनऊः उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने दीपावली के मौके पर राज्य की महिलाओं और माताओं के लिए खुशखबरी दी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जरिए गरीब और जरूरतमंद घरों को मदद पहुंचाने के मकसद से हर साल दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ 15 अक्टूबर को लोकभवन में इस पहल की शुरुआत करेंगे और योग्य महिलाओं को यह सुविधा सौंपेंगे।यह फैसला सरकार की उस सोच को दिखाता है, जिसमें गरीबों, महिलाओं और गांवों के परिवारों को साफ-सुथरा ईंधन मुहैया कराकर उन्हें मजबूत बनाया जा रहा है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि उज्ज्वला योजना मई 2016 में शुरू हुई थी। इसका मकसद उन गांव के घरों को था जो अब भी लकड़ी, कोयला या उपले जलाकर खाना बनाते थे, उन्हें गैस जैसा सुरक्षित विकल्प देना। इसने गांवों की रसोई को धुएं से आजाद किया और महिलाओं-बच्चों की सेहत को होने वाले नुकसान को घटाया। यूपी इस योजना को लागू करने में सबसे आगे रहा है। यहां अब तक 1.86 करोड़ घरों को उज्ज्वला कनेक्शन मिल चुके हैं।

मुफ्त रिफिल दो हिस्सों में वितरित होंगे
सरकार ने उज्ज्वला वाले परिवारों को सालाना दो फ्री रिफिल देने का प्लान बनाया है। यह 2025-26 के बजट साल में दो हिस्सों में होगा: पहला हिस्सा अक्टूबर 2025 से दिसंबर 2025 तक, और दूसरा जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक। इसके लिए राज्य ने 1500 करोड़ रुपये रखे हैं।

आधार वाले को पहले फायदा
शुरूआती दौर में आधार वेरीफाइड लोगों को प्राथमिकता मिलेगी। अभी राज्य में 1.23 करोड़ उज्ज्वला यूजर्स का आधार चेक हो चुका है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां इस वितरण को संभालेंगी। समन्वयकों की मांग पर 346.34 करोड़ रुपये की एडवांस रकम कंपनियों को दे दी गई है, ताकि कोई रुकावट न आए।

फ्री रिफिल की प्रक्रिया क्या है?
यूजर्स मौजूदा कीमत (सब्सिडी वाली) पर 14.2 किलो का सिलेंडर भरवाएंगे। फिर 3-4 दिनों में सब्सिडी की राशि उनके आधार जुड़े अकाउंट में आ जाएगी। केंद्र और राज्य की सब्सिडी अलग-अलग ट्रांसफर होगी। 5 किलो सिलेंडर वाले 14.2 किलो का ले सकते हैं। सिर्फ एक कनेक्शन वाले भी शामिल हैं।

आधार वेरीफिकेशन के लिए खास मुहिम
जिनका आधार अभी लिंक नहीं है, उनके लिए प्रशासन और तेल कंपनियां मिलकर कैंपेन चला रही हैं। कंपनियां एसएमएस भेजकर लोगों को जल्दी वेरीफाई करने को कह रही हैं। इसके लिए नया ऐप बन रहा है और डीलरों के पास एक्स्ट्रा कंप्यूटर लगाए जा रहे हैं। हर डीलर पर पोस्टर, होर्डिंग्स और कैंप लगाकर जागरूकता फैलाई जा रही है। रोस्टर सिस्टम से आधार चेक की प्रक्रिया आसान बनाई गई है।

योजना को अच्छे से चलाने के लिए दो लेवल पर कमेटियां बनी हैं। राज्य स्तर पर फूड ऑफिस में बनी कमेटी लगातार चेक करेगी। जिले में डीएम की लीडरशिप वाली टीम हर हफ्ते मीटिंग करेगी। कंप्लेंट सिस्टम से शिकायतें सुलझाई जाएंगी। साथ ही, ग्राहकों को पूरा 14.2 किलो गैस मिले, यह चेक करने के ऑर्डर हैं। अगर वजन कम निकला तो डीलर खुद नया सिलेंडर देगा। वेट्स डिपार्टमेंट और लोकल एडमिन नियमित इंस्पेक्शन करेंगे।

महंगाई की मार से छुटकारा
दुनिया भर में पेट्रोल प्रोडक्ट्स महंगे हो रहे हैं, ऐसे में यह स्टेप गरीबों को राहत देगा। गांवों में क्लीन फ्यूल का इस्तेमाल बढ़ेगा और पर्यावरण को फायदा होगा।