71 युद्धपोत और 50 लड़ाकू विमान: राष्ट्रपति मुर्मू आज लेंगी इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू की सलामी, समुद्र से आसमान तक दिखेगी भारत की ताकत

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नई दिल्ली। भारत आज अपनी बढ़ती सामरिक क्षमता और वैश्विक समुद्री साझेदारी का भव्य प्रदर्शन करने जा रहा है। ‘सिटी ऑफ डेस्टिनी’ कहे जाने वाले विशाखापत्तनम के समुद्री तट पर बुधवार सुबह भारतीय नौसेना का प्रतिष्ठित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू आयोजित किया जा रहा है, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अंतरराष्ट्रीय बेड़े की सलामी लेंगी।

स्वदेशी युद्धपोत से राष्ट्रपति करेंगी निरीक्षण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस सुमेधा पर सवार होकर बंगाल की खाड़ी में तैनात युद्धपोतों और पनडुब्बियों का निरीक्षण करेंगी। इस अवसर पर उन्हें 21 तोपों की औपचारिक सलामी दी जाएगी, जो नौसेना की परंपरा और सम्मान का प्रतीक है।

71 जहाज और पनडुब्बियां होंगी शामिल
इस इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारतीय नौसेना के साथ मित्र देशों के कुल 71 युद्धपोत और पनडुब्बियां हिस्सा ले रही हैं। स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत इस भव्य आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा, जो भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रतीक माना जाता है।

आसमान में गूंजेगी लड़ाकू विमानों की ताकत
रिव्यू के दौरान समुद्र के साथ-साथ आसमान में भी शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा। 50 से अधिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर फ्लाई-पास्ट करेंगे। इसमें मिग-29के, एलसीए तेजस, पी-8आई टोही विमान और सी-किंग हेलिकॉप्टर शामिल होंगे, जिनकी गड़गड़ाहट पूरे समुद्री क्षेत्र में गूंजेगी।

मार्कोस दिखाएंगे समुद्री युद्ध कौशल
दुनिया के सबसे घातक समुद्री कमांडो माने जाने वाले भारतीय नौसेना के MARCOS भी इस मौके पर समुद्र के बीच अपने विशेष युद्ध कौशल और कॉम्बैट पावर का प्रदर्शन करेंगे, जो आतंकवाद और समुद्री खतरों से निपटने की उनकी क्षमता को दर्शाएगा।

मिलन 2026 के तहत वैश्विक सहयोग का संदेश
यह आयोजन केवल शक्ति प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि मिलन 2026 अभ्यास के तहत विभिन्न देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, आपसी विश्वास और सहयोग को मजबूत करने का भी बड़ा मंच है। इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के जरिए भारत दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि वह क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक समुद्री सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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