नोएडा में भड़की श्रमिकों की हिंसा, CM योगी के निर्देशों के बावजूद सड़कों पर उतरा गुस्सा; सैलरी-ओवरटाइम से लेकर सुविधाओं तक उठे सवाल

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नोएडा में वेतन बढ़ोतरी और अन्य मांगों को लेकर चल रहा श्रमिकों का प्रदर्शन सोमवार को हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-60 और फेस-2 इलाके में जमकर तोड़फोड़ और पथराव किया, वहीं सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। बीते एक हफ्ते से जारी इस आंदोलन ने अचानक उग्र रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

CM योगी ने पहले ही दिए थे सख्त निर्देश

श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार रात ही उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि श्रमिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर कार्य वातावरण मिलना चाहिए और उनके अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

24 घंटे में संवाद स्थापित करने के आदेश

मुख्यमंत्री ने सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए थे कि वे 24 घंटे के भीतर औद्योगिक संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और इकाई प्रबंधन से सीधा संवाद स्थापित करें। उन्होंने कहा था कि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

समय पर वेतन और ओवरटाइम का भुगतान जरूरी

सीएम योगी ने साफ कहा था कि हर श्रमिक को समय पर वेतन मिलना चाहिए और यदि कोई अतिरिक्त समय (ओवरटाइम) काम करता है, तो उसे नियमानुसार अलग से भुगतान किया जाए। इसके साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विश्रामगृह, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना अनिवार्य बताया गया था।

श्रम कानूनों के पालन पर जोर

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक इकाइयों को श्रम कानूनों का अक्षरश पालन करने के निर्देश दिए थे। साथ ही श्रम विभाग को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर लगातार संवाद बनाए रखने और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया था।

अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

सीएम ने यह भी निर्देश दिए थे कि श्रमिकों के नाम पर माहौल खराब करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। औद्योगिक क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए थे।

कई जिलों में अलर्ट, अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी और गोरखपुर के जिलाधिकारियों सहित यूपीसीडा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। इस बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान और श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर भी मौजूद रहे।