होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा तनाव, 72 घंटे में 5 जहाजों पर हमले की खबर; अमेरिका ने मध्य पूर्व में बढ़ाई सैन्य मौजूदगी

0000000-1 (1)

तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य पर दिखाई दे रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले 72 घंटे में इस समुद्री क्षेत्र में पांच जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबर है। ताजा घटना में ओमान के पास एक टैंकर पर हमले के बाद जहाज में आग लगने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस हमले के लिए जिम्मेदारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख ऊर्जा मार्गों में शामिल है। यहां से तेल और गैस की आवाजाही होती है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच इस मार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जंग शुरू होने के बाद से क्षेत्र में तेल और गैस से लदे जहाजों की आवाजाही भी काफी प्रभावित हुई है।

ओमान के पास टैंकर में लगी आग

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के पास एक और टैंकर को निशाना बनाए जाने की खबर है। हमले के बाद जहाज में आग लग गई। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ के मुताबिक, जहाज पर मौजूद चालक दल सुरक्षित है। हालांकि, जहाज को हुए नुकसान का तत्काल आकलन नहीं हो सका।

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि करीब 25 लाख बैरल क्षमता वाला सुपरटैंकर ओमान के तट से लगभग 8 किलोमीटर दूर प्रभावित हुआ। हालांकि, हमले के लिए जिम्मेदारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

29 सितंबर को भी तीन टैंकरों को निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब 29 सितंबर को तीन टैंकरों को निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

अमेरिका की ओर से इस समुद्री गलियारे में सुरक्षा देने का भरोसा जताया गया है, लेकिन जहाजों पर लगातार हमलों की खबरों ने क्षेत्र की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

जाहेदान में IRGC के अभियान में 6 आतंकियों के मारे जाने का दावा

ईरान के दक्षिण-पूर्वी शहर जाहेदान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अभियान चलाकर छह आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया है। अभियान के दौरान कई विस्फोटक उपकरण बरामद किए जाने की भी जानकारी दी गई है।

ईरानी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, हाल के हफ्तों में इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हमलों में वृद्धि हुई है। इसके बाद आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। हालांकि, मारे गए लोगों की पहचान और उनके किसी संगठन से जुड़े होने को लेकर तत्काल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

जाहेदान और ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के कुछ हिस्सों में लंबे समय से सुरक्षा स्थिति संवेदनशील रही है। अधिकारियों ने क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा अभियानों को बढ़ाने की बात कही है।

अमेरिका ने मध्य पूर्व में बढ़ाई सैन्य मौजूदगी

ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव बढ़ाते हुए अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी मजबूत करनी शुरू कर दी है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यूएसएस मेकिन आइलैंड एम्फीबियस रेडी ग्रुप करीब 2,000 मरीन के साथ क्षेत्र की ओर रवाना हुआ है। इसमें उभयचर अभियानों के लिए प्रशिक्षित 13वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट शामिल है।

इसके अलावा यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भी मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इससे क्षेत्र में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की संख्या तीन तक पहुंच सकती है। कुल अमेरिकी सैन्य मौजूदगी में करीब 9,000 अतिरिक्त सैनिक शामिल होने की जानकारी दी गई है।

सऊदी अरब और कतर में पैट्रियट मिसाइल बैटरियां तैनात

ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका के बीच सऊदी अरब और कतर में ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए दो अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरियां तैनात की गई हैं। अमेरिका की यह तैनाती ऐसे समय हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरों के बीच पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है।

 

----------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र