राष्ट्रपति मुर्मु ने फिल्म सितारों को दी खास नसीहत, बोलीं- असली स्टार वही जो समाज में रोशनी फैलाए
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को गुजरात के एकता नगर में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों को उनकी सार्वजनिक जिम्मेदारी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि लोकप्रिय फिल्म कलाकारों का बच्चों और युवाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए उन्हें अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल सकारात्मक संदेश देने के लिए करना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि फिल्म कलाकार रचनात्मक अर्थव्यवस्था के प्रमुख प्रतिनिधि हैं और उनकी लोकप्रियता का असर समाज पर भी दिखाई देता है। जब चर्चित कलाकार अनुशासित जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़े सकारात्मक संदेश देते हैं तो बड़ी संख्या में बच्चे और युवा उनसे प्रभावित होकर उसे अपनाने की कोशिश करते हैं।
इसी संदर्भ में राष्ट्रपति ने लोकप्रिय फिल्म कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माने जाने वाले पदार्थों का प्रचार नहीं करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि असली स्टार वह है जो समाज में रोशनी फैलाए, न कि अंधेरा।
पान मसाला विज्ञापनों को लेकर कही बात
फिल्मी सितारों के पान मसाला और कुछ अन्य उत्पादों के विज्ञापन में नजर आने को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। राष्ट्रपति की अपील भी इसी व्यापक संदर्भ में सामने आई। कई चर्चित कलाकार अलग-अलग समय पर ऐसे उत्पादों के विज्ञापनों से जुड़े रहे हैं।
अक्षय कुमार भी पहले एक पान मसाला ब्रांड के विज्ञापन में नजर आए थे। विरोध के बाद उन्होंने उस कंपनी से अपना जुड़ाव समाप्त कर दिया था। वहीं, अल्लू अर्जुन, यश और आर. माधवन जैसे कुछ कलाकारों ने ऐसे उत्पादों के विज्ञापन के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए थे।
पर्दे के पीछे काम करने वालों के योगदान को भी सराहा
राष्ट्रपति मुर्मु ने फिल्म निर्माण में पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि किसी फिल्म को तैयार करने में बड़ी संख्या में लोगों का योगदान होता है। इनमें मजदूर, छोटे कलाकार, सहायक और संघर्षरत कलाकार भी शामिल हैं।
उन्होंने पुरस्कार पाने वाले कलाकारों से कहा कि वे अपनी टीम के उन सभी सदस्यों तक सम्मान और सराहना पहुंचाएं, जिनके योगदान से उनकी फिल्म पूरी हो सकी। राष्ट्रपति ने रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
पहली बार दिल्ली से बाहर हुआ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन इस बार पहली बार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर में किया गया। समारोह में भारतीय सिनेमा में पांच दशक से अधिक समय तक योगदान देने वाले कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस दौरान कई प्रमुख फिल्मों और कलाकारों को भी राष्ट्रीय सम्मान मिला। राजनीतिक थ्रिलर फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया, जबकि फिल्म की मुख्य अभिनेत्री यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।
वहीं, मलयालम फिल्म ‘भ्रमयुगम’ के लिए मैमूटी और हिंदी फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया।
सिनेमा को समाज का दर्पण बताया
राष्ट्रपति ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए सिनेमा को समाज का दर्पण बताया। उन्होंने कहा कि फिल्मों के जरिए भारतीय संस्कृति, संवेदनाओं और जीवन मूल्यों को देश-दुनिया तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने अलग-अलग भारतीय भाषाओं और क्षेत्रों में बनने वाली फिल्मों के योगदान की भी सराहना की।





