मॉनसून की विदाई के बाद भी नहीं थमी बारिश, दिल्ली समेत 14 राज्यों में अलर्ट; यूपी के 64 जिलों में बिजली का खतरा
नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई शुरू हो चुकी है, लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर अभी जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी, तेज हवाएं और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी शुरू हो गई है। वहीं, मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी बनी हुई है, लेकिन सुबह और रात के तापमान में गिरावट के कारण हल्की ठंड महसूस होने लगी है।
8 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, बिहार और झारखंड में मध्यम बारिश के आसार हैं।
एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय
मौसम में बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में मौसम बदल रहा है। इसके अलावा पाकिस्तान, बंगाल की खाड़ी और बिहार-झारखंड के आसपास अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इनके प्रभाव से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी कई इलाकों तक पहुंच रही है।
हरियाणा से गंगा के मैदानी इलाकों और पश्चिम बंगाल तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इससे बादल बनने और ऊपर की ओर हवा उठने की स्थिति बन रही है। दक्षिण भारत में भी अलग-अलग ट्रफ लाइन सक्रिय हैं, जिनके चलते कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
12 अक्टूबर तक उत्तर भारत में बदलता रहेगा मौसम
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना है। मौसम में यह गतिविधियां करीब 12 अक्टूबर तक बनी रह सकती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 और 9 अक्टूबर, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है। 8 और 9 अक्टूबर को उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में भी इन दोनों दिनों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी है।
यूपी के 64 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली। तराई और पूर्वांचल के कई जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और मध्यम से भारी बारिश हुई। इसके चलते कई जगह दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
वाराणसी में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। मिर्जापुर में 52 और गोरखपुर में 42 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। गुरुवार को राज्य के 64 जिलों में गरज और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत समेत आसपास के इलाकों में बारिश के साथ आंधी की संभावना है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है और झोंकों के दौरान यह 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। लखनऊ से लगे इलाकों में भी मध्यम से तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 अक्टूबर को मौसम खराब रह सकता है, जबकि कुछ जगहों पर 10 अक्टूबर तक छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।
दिल्ली-NCR में बादल छाए रहने और हल्की बारिश के आसार
दिल्ली-एनसीआर में 8 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में भी 8 से 13 अक्टूबर के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। पंजाब में 8 अक्टूबर को तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि हरियाणा और दिल्ली में कुछ जगहों पर आंधी और बिजली गिरने का खतरा है।
बिहार-झारखंड से बंगाल तक बारिश का दौर
बिहार में 8 से 10 अक्टूबर के बीच कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। 8 अक्टूबर को आंधी, बिजली और तेज हवाओं की भी संभावना है। झारखंड में 8 अक्टूबर को कई इलाकों में बारिश के साथ आंधी और बिजली गिर सकती है। 8 और 9 अक्टूबर को हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।
ओडिशा में 8 से 13 अक्टूबर तक बारिश का दौर बना रह सकता है। 8 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रह सकती है और 8 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।
राजस्थान में 11-12 अक्टूबर से बदलेगा मौसम
राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में फिलहाल मौसम गर्म और शुष्क बना हुआ है। हालांकि, 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में मौसम बदल सकता है। उत्तर राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट की संभावना है। 12 अक्टूबर के बाद खासकर शेखावाटी और बीकानेर संभाग में रात के तापमान में ठंड का असर बढ़ सकता है। दक्षिण और पश्चिम राजस्थान में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक गर्म और शुष्क मौसम बना रह सकता है।
मध्य भारत में भी आंधी-बारिश का असर
छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 और 9 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 8 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
विदर्भ में भी कुछ इलाकों में बारिश और आंधी के आसार हैं। महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में मौसम ज्यादातर शुष्क रह सकता है, हालांकि कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में बारिश जारी
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 8 से 11 अक्टूबर के बीच कई जगहों पर बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 8 से 13 अक्टूबर तक बारिश और आंधी का असर रह सकता है।
केरल और तमिलनाडु में 8 से 10 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 8 और 9 अक्टूबर को आंधी, बिजली और तेज हवाओं का अनुमान है। कर्नाटक के कई हिस्सों में भी 8 से 13 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर में भी बारिश का सिलसिला
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश जारी रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 8 से 11 अक्टूबर के बीच बारिश का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 13 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।
इन इलाकों में कुछ स्थानों पर आंधी और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
मॉनसून लौटने के बाद भी क्यों हो रही बारिश?
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि पूरे देश में तुरंत बारिश बंद हो जाएगी। इस समय अलग-अलग हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन जैसे सक्रिय मौसम तंत्र बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं।
अगले 2 से 3 दिनों में महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों के साथ तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक से भी मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। यानी एक तरफ मॉनसून देश के बाकी हिस्सों से विदा होता रहेगा, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।





