भारतीय दवा उद्योग पर अमेरिका-यूरोप का बड़ा सवाल! 6 फैक्टरियों में मिलीं गंभीर खामियां, कंपनियों को चेतावनी

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वाशिंगटन: भारतीय दवा उद्योग की गुणवत्ता को लेकर अमेरिका और यूरोप के दवा नियामकों ने चिंता जताई है। बीते तीन महीनों के दौरान भारतीय कंपनियों की छह फैक्टरियों में गंभीर खामियां सामने आई हैं। इनमें इंजेक्शन तैयार करते समय संक्रमण रोकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं होना और मशीनों की सफाई में लापरवाही जैसी समस्याएं शामिल हैं। अमेरिका ने तीन दवा कंपनियों और एक जांच प्रयोगशाला को चेतावनी पत्र जारी किए हैं। वहीं, यूरोपीय नियामकों ने तीन भारतीय फैक्टरियों में अच्छी विनिर्माण प्रक्रिया यानी जीएमपी नियमों के उल्लंघन की जानकारी दी है।

अमेरिका ने तीन कंपनियों और एक जांच लैब को भेजे चेतावनी पत्र

अमेरिकी दवा नियामक ने 13 अगस्त को तेलंगाना की यूजिया फार्मा को चेतावनी पत्र भेजा। कंपनी की फैक्टरी में इंजेक्शन निर्माण के दौरान संक्रमण रोकने के इंतजाम कमजोर पाए गए थे।

इसके अलावा, रिलायंस लाइफ साइंसेज की नवी मुंबई स्थित फैक्टरी में नमूनों की जांच किए बिना ही उनके नतीजे रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने का मामला सामने आया। 18 अगस्त को जारी चेतावनी पत्र में इस गड़बड़ी का उल्लेख किया गया।

गुजरात के मेहसाणा में स्थित शूलिन फार्मा की फैक्टरी में गंदगी, जंग और रसायनों के पुराने निशान मिले। इसके बाद कंपनी को चेतावनी पत्र जारी किया गया। साथ ही, अमेरिका भेजी जाने वाली उसकी दवाओं पर आयात अलर्ट भी लगा दिया गया।

अमेरिकी नियामक की जांच में ऑरिगा रिसर्च नाम की प्रयोगशाला में भी गंभीर अनियमितताएं मिलीं। यहां नमूनों के मूल रिकॉर्ड अधूरे पाए गए। तय मानकों से अधिक नतीजे आने पर बार-बार जांच की गई और पहले मिले नतीजों को बिना ठोस कारण के खारिज कर दिया गया। इस प्रयोगशाला को 12 अगस्त को चेतावनी पत्र दिया गया था।

दवा की गुणवत्ता में कमी पर तुरंत निलंबित हो सकता है लाइसेंस

दवाओं की गुणवत्ता से जुड़ी इन खामियों के बीच केंद्र सरकार ने औषधि नियम, 1945 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित बदलाव के तहत यदि किसी दवा में निर्धारित गुणवत्ता मानकों की कमी पाई जाती है, तो उसके निर्माता का लाइसेंस तत्काल निलंबित किया जा सकेगा।

यूरोप की जांच में भी तीन भारतीय फैक्टरियों में मिलीं खामियां

अमेरिका के अलावा यूरोप के दवा नियामकों ने भी तीन भारतीय फैक्टरियों में गंभीर कमियां दर्ज की हैं।

राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित अनंता मेडिकेयर की फैक्टरी में साफ-सफाई, मशीनों की स्थिति और जांच से जुड़े रिकॉर्ड में खामियां पाई गईं।

वहीं, गुजरात के अहमदाबाद जिले में एक्यूलाइफ हेल्थकेयर की फैक्टरी में मशीनों की सफाई को लेकर गंभीर समस्या सामने आई। यूरोपीय नियामकों की रिपोर्ट में यहां एक गंभीर, आठ बड़ी और 24 अन्य कमियां दर्ज की गईं।

तेलंगाना के सिद्दीपेट स्थित ग्लूकैम बायोकेयर की फैक्टरी में भी मशीनों की सफाई के बाद उनके अंदर पानी और गंदगी के अवशेष पाए गए।

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