‘न रुकूंगा, न थकूंगा, न पथ से डिगूंगा’, PM मोदी ने बताया विकसित भारत का संकल्प और सेवा का मंत्र
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसेवा में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश आज अपनी आंखों के सामने भारत को विकसित होते देखेगा। अब जरूरत इस बात पर विचार करने की है कि तय लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आज से क्या कदम उठाने होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र प्रथम उनका संकल्प है और जब तक भारत विकसित नहीं हो जाता, तब तक वह रुकेंगे नहीं। उन्होंने अपने जीवन को देश के लिए समर्पित बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए जरूरी हर कदम देश आज उठा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन देश के पास 140 करोड़ समाधान भी हैं। भारत 140 करोड़ सपनों का देश है और देश में सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश को आजादी तब मिली, जब देशवासियों ने इसके लिए अपना जीवन समर्पित किया। अब विकसित भारत के लक्ष्य के लिए देशवासियों को जीने की जरूरत है।
देश के लिए जीने का दिया संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि अब हमें देश के लिए जीना होगा। उन्होंने कहा, “मरेंगे तो देश के लिए, जीएंगे तो देश के लिए, भक्ति होगी देश के लिए और क्रिएट करेंगे तो देश के लिए।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र प्रथम उनका संकल्प है, जबकि राष्ट्र समृद्धि उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा, “कर्म मेरा धर्म होगा, कर्तव्यपरायणता मेरा ध्यान होगा।”
‘स्वयं से वयं तक’ रहेगा जीवन का मंत्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘स्वयं से वयं तक’ उनका जीवन मंत्र रहेगा। उन्होंने कहा कि जीवन का कण-कण और क्षण-क्षण देश के लिए समर्पित होगा।
पीएम मोदी ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा, “जब तक भारत विकसित नहीं होगा, तब तक मैं न रुकूंगा, न थकूंगा, न पथ से डिगूंगा।”
मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक 25 साल की जनसेवा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद 26 मई 2014 को उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने जनसेवा में 25 वर्ष पूरे किए हैं।





