दशहरे पर रावण के साथ जलेगा 30 फीट ऊंचा कॉकरोच, केशव रामलीला समिति का बड़ा फैसला; गंदगी के खिलाफ दिया जाएगा संदेश
दशहरे पर पहली बार नहीं, पहले भी जलाई गईं समस्याओं की प्रतीकात्मक बुराइयां
अशोक गोयल देवरहा ने गुरुवार को कहा कि विजयदशमी सत्य की असत्य पर, अच्छाई की बुराई पर और धर्म की अधर्म पर जीत का प्रतीक है। देश में सदियों से रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाकर बुराई के अंत का संदेश दिया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि समाज और देश को प्रभावित करने वाली समस्याओं को सामने लाने के लिए समिति पहले भी नक्सलवाद और आतंकवाद जैसी बुराइयों के प्रतीकात्मक पुतले जला चुकी है।
पीतमपुरा के रामलीला मैदान में जलेगा 30 फीट का पुतला
समिति ने इस बार गंदगी को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाने के लिए कॉकरोच का पुतला तैयार कराने का फैसला किया है। यह पुतला पीतमपुरा स्थित केशव रामलीला समिति के मैदान में जलाया जाएगा, जिसे एनएसपी मैदान के नाम से भी जाना जाता है। समिति के अध्यक्ष के मुताबिक, 30 फीट ऊंचा यह पुतला देखने में बिल्कुल कॉकरोच जैसा होगा और दशहरे के आयोजन का खास आकर्षण बनेगा।
कॉकरोच को ही क्यों चुना? समिति ने बताई वजह
अशोक गोयल देवरहा ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों का ध्यान स्वच्छता की जरूरत की ओर आकर्षित करना है। उनका कहना है कि गंदगी से केवल घरों को ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों और पूरे समाज को भी मुक्त करना जरूरी है। कॉकरोच के पुतले के जरिए समिति इसी संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाना चाहती है।
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच आया फैसला
दिल्ली में यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रही है। इस पार्टी ने जून और जुलाई में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ भी प्रदर्शन किया था। अब मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
कनॉट प्लेस में प्रदर्शन, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को लहरा दो तिरंगा रैली निकालने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।





