कीव का नॉर्दर्न ब्रिज बना रूसी ड्रोन हमले का निशाना, पुल पर उठी आग की लपटें; राजधानी के दो हिस्सों में बंटने का खतरा
कीव: यूक्रेन की राजधानी कीव में रविवार सुबह रूस ने नॉर्दर्न ब्रिज को निशाना बनाया। भारी ड्रोन से किए गए हमले के बाद पुल पर आग की तेज लपटें उठती दिखाई दीं और आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार छा गया। हमले के समय पुल से वाहन गुजर रहे थे। कीव के मेयर विताली क्लित्श्को के मुताबिक, हमले में दो लोग घायल हुए हैं।
रूसी ड्रोन हमला उस समय हुआ, जब जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के लिए कीव पहुंचे थे। उनके पहुंचने के दौरान राजधानी में हवाई हमले के सायरन बज रहे थे, धमाकों की आवाज सुनाई दे रही थी और वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय थीं।
दो दिन में दूसरी बार पुल पर हमला
नॉर्दर्न ब्रिज पर दो दिनों में यह दूसरी बार हमला बताया गया है। इससे पहले गुरुवार और शुक्रवार को कीव के साउदर्न ब्रिज को 24 घंटे से भी कम समय में पांच बार निशाना बनाया गया था। साउदर्न ब्रिज सड़क यातायात के साथ-साथ शहर की मेट्रो व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।
पुलों पर हमले से कीव के संपर्क पर चिंता
यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि राजधानी के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे रूसी हमलों के पीछे कीव को दो हिस्सों में बांटने की कोशिश हो सकती है। कीव नीपर नदी के दोनों किनारों पर बसा हुआ है। ऐसे में पुलों पर लगातार हमले होने से शहर के दोनों हिस्सों के बीच संपर्क प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
यूक्रेन ने इन परिस्थितियों को देखते हुए नीपर नदी पर कई वैकल्पिक क्रॉसिंग तैयार करने की योजना पर काम शुरू करने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर पुलों पर हमले जारी रहते हैं तो इन वैकल्पिक रास्तों की जरूरत पड़ सकती है।
रूस ने सैन्य आवाजाही वाले मार्ग को बताया निशाना
रूस के रक्षा मंत्रालय ने नॉर्दर्न ब्रिज पर हमले की पुष्टि की है। रूस का कहना है कि इस पुल का इस्तेमाल सैनिकों और सैन्य उपकरणों की आवाजाही के लिए किया जाता था, इसलिए इसे निशाना बनाया गया।
रूस ने यह भी दावा किया है कि ओदेसा बंदरगाह की ओर सैन्य उपकरण ले जा रहे दो मालवाहक जहाजों पर भी हमला किया गया।
मर्ज ने बताया आने वाला समय अहम
कीव पहुंचे जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि यूक्रेन को आने वाले हफ्तों में हर तरह के समर्थन की जरूरत होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूस को नहीं रोका गया तो उसकी युद्ध मशीन आगे दूसरे देशों की ओर भी बढ़ सकती है। जर्मनी यूक्रेन के साथ ड्रोन और मिसाइल उत्पादन से जुड़ी रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है।





