कम नींद लेने वालों के लिए जरूरी खबर, नई स्टडी में सामने आया चौंकाने वाला असर; दूसरों की मदद करने की इच्छा भी हो सकती है कम

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नई दिल्ली: देर रात तक जागने और पर्याप्त नींद न लेने की आदत से शरीर और दिमाग पर कई तरह के असर पड़ सकते हैं। लंबे समय तक नींद की कमी को मोटापा, हृदय संबंधी बीमारियों, डायबिटीज, तनाव, चिंता और अवसाद जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा गया है। अब एक हालिया अध्ययन में नींद और इंसान के व्यवहार के बीच भी संबंध सामने आने की बात कही गई है।

स्टडी के मुताबिक, पर्याप्त नींद नहीं लेने वाले लोगों के व्यवहार में बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे लोगों में दूसरों की मदद करने की इच्छा कम हो सकती है। शोध में नींद की कमी को प्रो-सोशल व्यवहार में बदलाव से जोड़ा गया है। वहीं, पर्याप्त नींद लेने वाले लोगों में दूसरों की सहायता करने की प्रवृत्ति अधिक देखी गई।

नींद की कमी से व्यवहार पर पड़ सकता है असर

कई अध्ययनों में यह संकेत मिला है कि अपर्याप्त नींद मस्तिष्क के उन हिस्सों की गतिविधि को प्रभावित कर सकती है, जो सहानुभूति और सामाजिक व्यवहार से जुड़े होते हैं। नींद का असर हमारे मूड और व्यवहार पर भी पड़ता है। पर्याप्त नींद नहीं मिलने पर चिड़चिड़ापन और खराब मूड जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिसका असर सामाजिक व्यवहार पर भी दिखाई दे सकता है।

हालांकि, नींद की कमी का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों के व्यवहार में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे सकते हैं, जबकि कुछ लोगों पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम हो सकता है।

पर्याप्त नींद मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी

नियमित और पर्याप्त नींद मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पर्याप्त नींद से तनाव कम करने और चिंता तथा अवसाद जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा नींद और स्वस्थ जीवनशैली का संबंध वजन तथा हृदय स्वास्थ्य से भी जोड़ा जाता है।

नींद पूरी करने के साथ-साथ संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और बेहतर दिनचर्या अपनाना भी जरूरी है। अगर लंबे समय से नींद की समस्या बनी हुई है या रोजमर्रा के कामकाज पर इसका असर पड़ रहा है, तो चिकित्सक से सलाह लेना उचित है।

 

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