एक सप्ताह में दो चक्रवातों ने आंध्र प्रदेश में मचाई तबाही, PM मोदी ने CM नायडू से जाना नुकसान; केंद्र से मांगी गई मदद
आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री नायडू ने प्रधानमंत्री को दोनों चक्रवातों के प्रभाव और प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का ब्योरा दिया। उन्होंने राज्य की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार से उचित सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे राहत कार्यों की सराहना की और चुनौतियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री की तारीफ की।
अमित शाह को पत्र लिखकर मांगी थी आर्थिक सहायता
इससे पहले मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चक्रवातों से हुए नुकसान के लिए तत्काल वित्तीय सहायता देने की मांग की थी। उन्होंने पत्र में कई जिलों में फसलों और संपत्ति को हुए नुकसान के साथ आम लोगों को हो रही परेशानियों तथा राज्य सरकार की ओर से उठाए गए राहत कदमों की जानकारी दी थी।
अमित शाह ने भी मंगलवार को मुख्यमंत्री को फोन कर चक्रवात मुरासू से हुए नुकसान और प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि राज्य चक्रवात अर्नब के असर से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि मुरासू ने हालात और मुश्किल कर दिए। उन्होंने एक ही दिन में गृह मंत्री से दो बार बातचीत के दौरान लगातार आए दोनों चक्रवातों से हुए नुकसान का ब्योरा साझा किया।
आठ सरकारी विभागों को 343.95 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
मुख्यमंत्री के मुताबिक, चक्रवात मुरासू के कारण राज्य के आठ सरकारी विभागों में शुरुआती तौर पर 343.95 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। इसमें करीब 94 प्रतिशत नुकसान कृषि क्षेत्र में हुआ है। सात जिलों के 465 गांवों में 50,473 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे 69,828 किसानों को नुकसान पहुंचा है।
क्षतिग्रस्त फसलों में 45,900 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी धान की फसल शामिल है। कृषि क्षेत्र को कुल 324.22 करोड़ रुपये का प्रारंभिक नुकसान होने का अनुमान है। बापटला, कृष्णा और गुंटूर जिलों में फसलों के साथ बागवानी उपज को भी खासा नुकसान पहुंचा है।
480 स्कूलों को बनाया राहत केंद्र, 12,230 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए
चक्रवात के खतरे को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, रियल-टाइम गवर्नेंस सोसाइटी और आपातकालीन संचालन केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। राहत और बचाव कार्यों के लिए 11 एसडीआरएफ और 13 एनडीआरएफ टीमें तैयार रखी गई थीं।
प्रभावित जिलों में 480 स्कूलों को अस्थायी राहत केंद्रों में बदला गया। प्रशासन ने अब तक 12,230 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राज्य सरकार की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्य जारी हैं।





